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TATA ग्रुप की दो बड़ी कंपनियों समेत इन 22 स्टॉक्स पर बन सकता है मुनाफा! मोतीलाल ओसवाल की दांव लगाने की सलाह

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मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि बड़े शेयरों पर फोकस करें, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप में अभी भी वैल्यूएशन काफी महंगे हैं।

Last Updated- February 10, 2025 | 4:51 PM IST
Tata Sons IPO a moral and social imperative, says Shapoorji Pallonji group

27 साल बाद दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की। माना जा रहा है कि इस जीत के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत चुनावी रणनीति, ‘डबल इंजन’ सरकार का वादा और आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ दो बार की एंटी-इनकंबेंसी प्रमुख कारण रहे।

दिल्ली की सियासत भले ही छोटी हो, लेकिन देश की राजधानी होने की वजह से इसका असर पूरे देश पर पड़ता है। यही वजह है कि हर किसी की नज़र यहां के नतीजों पर टिकी थी।

मोदी मैजिक फिर से काम कर गया!

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ने दिल्ली में किसी बड़े स्थानीय चेहरे को आगे नहीं किया, लेकिन फिर भी ‘मोदी मैजिक’ ने वोटरों का दिल जीत लिया। ये जीत साफ बताती है कि लोगों का भरोसा ‘ब्रांड मोदी’ पर फिर से कायम हो गया है। अब दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी और केंद्र के साथ मिलकर तेज़ी से विकास कार्य होंगे।

एक के बाद एक जीत, एनडीए फिर से फॉर्म में

हरियाणा, महाराष्ट्र और अब दिल्ली—एनडीए की ये लगातार तीसरी जीत है। दिल्ली में तो बीजेपी ने 2020 में सिर्फ 8 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार 48 सीटें झटक लीं। वोट शेयर भी 8% बढ़कर 46% हो गया। आम आदमी पार्टी का वोट शेयर घटकर 44% पर आ गया, जबकि कांग्रेस के हाथ फिर से खाली रहे।

मध्य वर्ग ने फिर थामा बीजेपी का हाथ

चुनावी विशेलेषकों के मुताबिक दिल्ली में बीजेपी की जीत के पीछे बड़ा कारण है मध्य वर्ग का फिर से बीजेपी की तरफ लौटना। खराब शहरी सुविधाओं और आम आदमी पार्टी की वादाखिलाफी ने उन्हें नाराज कर दिया था। वहीं, केंद्रीय बजट में टैक्सपेयर्स के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन ने बीजेपी को और मजबूती दी।

बाजार में भी जश्न, लेकिन फोकस अब कमाई पर

मोतीलाल ओसवाल का कहना है, दिल्ली चुनाव के नतीजों से बाजार में भी पॉजिटिव माहौल बना है। केंद्र सरकार की स्थिरता और नीतियों में तेजी की उम्मीद से निवेशकों में जोश है। हालांकि, अब बाजार की नजर कंपनियों की कमाई, कॉरपोरेट गाइडेंस और ग्लोबल इकोनॉमिक संकेतकों पर होगी।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि बड़े शेयरों पर फोकस करें, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप में अभी भी वैल्यूएशन काफी महंगे हैं। ब्रोकरेज फर्म ने सेक्टर्स के साथ-साथ लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप के किन स्टॉक्स पर फोकस करना चाहिए, इसके बारे में बताया है।

ओवरवेट सेक्टर: उपभोक्ता, IT, BFSI, इंडस्ट्रियल्स, हेल्थकेयर, रियल एस्टेट
अंडरवेट सेक्टर: ऑयल और गैस, सीमेंट, मेटल्स

टॉप स्टॉक्स:

लार्जकैप: टाइटन, M&M, मारुति, ICICI बैंक, SBI, HCL टेक, भारती एयरटेल, L&T, सन फार्मा, ट्रेंट, HUL, डिक्सन टेक

मिडकैप और स्मॉलकैप: इंडियन होटल्स, पेज इंडस्ट्रीज, कमिंस इंडिया, बीएसई, गोदरेज प्रॉपर्टीज, कोफोर्ज, मेट्रो ब्रांड्स, IPCA लैब्स, एंजेल वन, JSW इंफ्रास्ट्रक्चर

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First Published - February 10, 2025 | 4:45 PM IST

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