facebookmetapixel
India-US Trade Deal: भारत-US व्यापार संबंधों में नई शुरुआत, अंतरिम समझौते का खाका तयIT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्यान

सक्रिय एसआईपी खाते का 20 फीसदी नहीं कर रहा मासिक निवेश में योगदान

फरवरी 2025 में 10.17 करोड़ सक्रिय एसआईपी खातों में से 8.26 करोड़ ने 26,000 करोड़ रुपये के एसआईपी निवेश में योगदान किया।

Last Updated- March 30, 2025 | 10:26 PM IST
SIP

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के अनुसार, सिर्फ 70-80 फीसदी सक्रिय एसआईपी खाते ही मासिक म्युचुअल फंड (एमएफ) निवेश में योगदान करते हैं। इसका मतलब है कि पांच में से एक एसआईपी खाता या तो रुका हुआ है या हर महीने लेनदेन में विफल हो रहा है। फरवरी 2025 में 10.17 करोड़ सक्रिय एसआईपी खातों में से 8.26 करोड़ ने 26,000 करोड़ रुपये के एसआईपी निवेश में योगदान किया।
दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक योजनाओं के लिए लगातार तीन असफल लेनदेन के बाद एसआईपी खाते को निष्क्रिय माना जाता है। अन्य योजनाओं के लिए लगातार दो असफल किश्तों के बाद खाता बंद हो जाता है।

अप्रैल 2024 में योगदान करने वाले एसआईपी खाते का प्रतिशत 73 था, जो फरवरी 2025 में 81 फीसदी पर पहुंच गया। इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच हाल के महीनों में एसआईपी खाता बंद होने की संख्या में तेजी आई है। फरवरी में लगातार दूसरे महीने एसआईपी खातों की कुल संख्या में कमी देखी गई। जनवरी में शुद्ध रूप से 5,00,000 लाख खाते बंद होने के बाद फरवरी में सक्रिय एसआईपी खातों की कुल संख्या 10 लाख घटकर 10.17 करोड़ रह गई।

हालांकि, जनवरी और फरवरी में बंद होने की वजह अलग-अलग सेगमेंट थे। फरवरी में रेग्युलर प्लान एसआईपी खातों में 8,00,000 की कमी आई, जो एक साल से ज्यादा समय में पहली मासिक गिरावट थी। जनवरी में यह कमी डायरेक्ट प्लान या डू-इट-योरसेल्फ़ सेगमेंट से आई थी।

खाते बंद होने के बावजूद एसआईपी से योगदान स्थिर रहा। जनवरी और फरवरी में कुल संग्रह दिसंबर के निवेश के समान ही रहा। जनवरी में एसआईपी खातों से 26,400 करोड़ रुपये और फरवरी में 25,999 करोड़ रुपये आए। एसआईपी निवेश ने पिछले तीन से चार वर्षों में लचीलापन दिखाया है, पर इसने इक्विटी बाजार को विशेष रूप से अस्थिरता के समय महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया है।

First Published - March 30, 2025 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट