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पुराना वाहन देने वालों को नई खरीद पर छूट मिलनी ही चाहिए

Last Updated- December 11, 2022 | 3:32 PM IST

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि नए वाहन खरीदने के शौकीन लोगों द्वारा अपने पुराने वाहन कबाड़ के तौर पर देने से वाहन कंपनियों का राजस्व बढ़ेगा और इस वजह से नई खरीदारी पर उन्हें डिस्काउंट मिलना चाहिए।  सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के 62वें सालाना सम्मेलन में मंत्री ने कहा, ‘मैं यह अनिवार्य बनाना नहीं चाहूंगा, यह आपसे मेरा अनुरोध है, क्योंकि कुछ कंपनियां इसके लिए तैयार हैं और कुछ नहीं। लेकिन जिन कंपनियों के पास स्क्रैपिंग संबं​धित प्रमाण पत्र हैं, वे ग्राहकों को कुछ छूट दे सकती हैं।‘ 

उन्होंने कहा कि पुराने वाहन प्राप्त करने के बदले नई खरीदारी पर कंपनियों द्वारा ट्रक या बसों जैसे बड़े वाहनों के लिए 50,000 रुपये-1 लाख रुपये की छूट दी जानी चाहिए और छोटे वाहनों के लिए यह कम हो सकती है।  गडकरी ने कहा कि उन्होंने और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिं​धिया ने ऐसी छूट के लिए जीएसटी रियायत देने के लिए वित्त मंत्रालय से बात की है। इसलिए यह हर किसी के लिए अच्छा कदम साबित हो सकता है। पुराने ट्रकों की संख्या काफी अधिक है, इसलिए स्क्रैपिंग संबं​धित रणनीति बेहद महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा, ‘हमारे रिकॉर्ड के अनुसार, 1.02 करोड़ वाहन मौजूदा समय में स्क्रैपिंग के लिए जाएंगे। मौजूदा समय में सिर्फ 10-20 स्क्रैपिंग सेंटर (पुराने और खराब वाहन खरीदने से संबं​धित केंद्र) हैं।’ हरेक जिले में तीन स्क्रैपिंग सेंटर शुरू करने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘स्क्रैपिंग केंद्रों की वजह से आपको तांबा, एल्युमीनियम, इस्पत, रबर और प्ला​स्टिक की उपलब्धता होगी और इस वजह से आपके कलपुर्जों की लागत 30 प्रतिशत तक घट सकती है।’उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा अपने वाहन कबाड़ में देने से वाहन कंपनियों का व्यवसाय 25-30 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।

उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों का आयात बढ़ने से प्रदूषण संबं​धित और आ​र्थिक समस्याएं पैदा हो रही हैं। कारों की संख्या बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर जाम की समस्या पैदा हो रही है। मंत्री ने उद्योग से ऐसे वाहनों के निर्माण पर ध्यान देने को कहा, जो बेहतर गुणवत्ता और सुरक्षा वाले हों।  

First Published - September 15, 2022 | 10:10 PM IST

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