facebookmetapixel
बजट 2026 से रियल एस्टेट को बड़ी उम्मीदें: अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग पर फोकस जरूरीलाइफ इंश्योरेंस कंपनी पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश, ₹180 के टारगेट के साथ शुरू की कवरेजSmallcap Funds: 83% निवेश टॉप 750 शेयरों में, स्मॉलकैप फंड्स का फोकस क्यों बदला?Bharat Coking Coal IPO: अलॉटमेंट हुआ फाइनल, GMP में उछाल; पर लिस्टिंग डेट में बदलावInfosys Q3 Results: मुनाफा घटा लेकिन रेवेन्यू बढ़ा, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का सही मौका; वैल्यूएशन बढ़ियाअब केवल पैसा नहीं, देश चुन रहे हैं अमीर! जानिए कहां जा रहे हैं करोड़पतिTata Power के नतीजे किस दिन आएंगे? कंपनी ने कर दिया ऐलानदाम बढ़ते ही Cement Stocks में मौका! Emkay ने इन 4 कंपनियों को बताया निवेश के लिए फेवरेटQ3 Results Today: HDFC Life Insurance से लेकर Jio Financial और L&T Tech तक, आज 24 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे25% अमेरिकी शुल्क का असर भारत पर सीमित, ईरान पर पड़ेगा सबसे ज्यादा दबाव

OPEC+ की बैठक से पहले Crude Prices में हो गया ये चेंज

ब्रेंट क्रूड वायदा 0.5% गिरकर $64.42 प्रति बैरल पर पहुंच गया, वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 0.5% गिरकर $61.23 प्रति बैरल पर रहा।

Last Updated- May 27, 2025 | 8:23 PM IST
Crude Oil
प्रतीकात्मक तस्वीर

मंगलवार को वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि OPEC+ इस सप्ताह होने वाली बैठक में उत्पादन बढ़ाने का निर्णय ले सकता है। हालांकि, व्यापार तनाव में कमी के कारण बाजार को आंशिक रूप से समर्थन भी मिला।

ब्रेंट क्रूड वायदा 31 सेंट यानी 0.5% गिरकर $64.42 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 30 सेंट या लगभग 0.5% गिरकर $61.23 प्रति बैरल पर रहा।

बुधवार को होगी OPEC+ की बैठक

OPEC+ (पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन और उसके सहयोगी) की बुधवार को होने वाली बैठक में कोई बड़ी नीति में बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, शनिवार को होने वाली बैठक में जुलाई के लिए उत्पादन में तेजी से वृद्धि पर सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

ALSO READ: Indigo पर कस्टम विभाग का एक्शन, शेयर 2% गिरे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय संघ के साथ व्यापार वार्ता को 9 जुलाई तक बढ़ाने के फैसले ने तत्काल टैरिफ लागू होने की आशंका को कम कर दिया है, जिससे ईंधन की मांग पर दबाव भी कम हुआ है।

वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को थोड़ा बुलिश (उत्साहित) बनाए रखा है। अगर वार्ता विफल रहती है, तो ईरान पर प्रतिबंध जारी रह सकते हैं, जिससे वैश्विक बाजार में ईरानी तेल आपूर्ति सीमित रहेगी।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को कहा कि अगर अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत विफल भी हो जाती है, तो भी ईरान अपने दम पर स्थिति का सामना कर सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

SEB के विश्लेषक ओले ह्वालबाई का कहना है कि तेल आपूर्ति में वृद्धि पहले से ही बाजार में आंशिक रूप से शामिल हो चुकी है।

UBS विश्लेषक जियोवानी स्टौनोवो के अनुसार, जब तक OPEC+ की शनिवार की बैठक से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आता, तब तक कीमतों में बहुत अधिक बढ़त की संभावना सीमित है। हालांकि, व्यापार तनाव में कमी से सकारात्मक असर पड़ा है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

लो-एश मेट कोक पर आयात प्रतिबंध बढ़ाने के पक्ष में स्टील मंत्रालय 

समय से पहले बारिश से प्याज की कीमतों में आग, मंडियों में घटी आवक; एक हफ्ते में ₹300 क्विंटल तक बढ़े दाम

First Published - May 27, 2025 | 8:17 PM IST

संबंधित पोस्ट