अयोध्या में रामजन्मभूमि पर बन रहे मंदिर का निर्माण अगले लोकसभा चुनाव के पहले पूरा कर लिया जाएगा। राम मंदिर की नींव भरने के काम में तेजी लाई गई है और इसी साल अक्टूबर में पहली मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। मंदिर का पूरा निर्माण 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले हो जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर की बुनियाद में मिर्जापुर और गर्भगृह में वंशीपहाड़पुर के पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नींव की छह परत का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान के मकराना संगमरमर, मिर्जापुर के लाल पत्थर सहित तीन तरह के पत्थरों का प्रयोग होगा। राम मंदिर निर्माण का 70 फीसदी काम बड़ी-बड़ी मशीनों के जरिये हो रहा है। ऐसे में राम मंदिर निर्माण में श्रमदान की जरूरत ही नहीं है।
चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण का काम सातों दिन 24 घंटे चल रहा है और 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में काम हो रहा है। अक्टूबर तक नींव का काम पूरा होने की उम्मीद है। उनके अनुसार आईआईटी गुवाहाटी के डाइरेक्टर और अनेक संस्थानों के इंजीनियरों की सलाह के साथ-साथ नैशनल जियो रिसर्च इंस्टीट्यूट हैदराबाद की सलाह से विशेषज्ञों के परामर्श के आधार पर काम किया जा रहा है।
ट्रस्ट महासचिव के अनुसार श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक अयोध्या में 13 और 14 जून को होनी है। इस बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा की जानी है। समिति ने मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का लक्ष्य 2024 निर्धारित किया है। समिति ने कुछ ही दिन पहले मंदिर के विस्तार के लिए भी फैसला किया था। इसके मुताबिक राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को अब 70 एकड़ के बजाय 107 एकड़ तक विस्तारित किया जाएगा जिसमें कई यात्री सुविधाएं व अन्य आकर्षण जोड़े जाएंगे। इस भव्य परिसर को बड़ा करने के लिए आसपास के रहने वाले लोगों से जमीन खरीदी जा रही है। मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल ही में अयोध्या में एक करोड़ रुपये की कीमत अदा कर 7,285 वर्ग फुट जमीन खरीदी है।