अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद अब विश्व हिंदू परिषद और भाजपा पूरे देश के माहौल को राममय बनाएगी। देश भर के 2.75 लाख गांवों में राम प्रतिमा स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। वहीं करीब 10 करोड़ परिवारों से अयोध्या के भव्य मंदिर के लिए चंदा लिया जाएगा। राम मंदिर के निर्माण में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भाजपा के साथ विहिप कार्यकर्ता 10 करोड़ परिवारों से संपर्क साध कर हर घर से 11-11 रुपये का चंदा इक_ा करेंगे। राम मंदिर के लिए इस तरह जन सहयोग से 5,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी भूमि पूजन से पहले तक अयोध्या के राम मंदिर के लिए 41 करोड़ रुपये का चंदा आ चुका था जिसमे कथावाचक मोरारी बापू की भागीदारी 11 करोड़ रुपये की है। भूमिपूजन के दिन आए हुए सैकड़ों अतिथियों ने भी राम मंदिर के लिए आर्थिक सहयोग दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी वर्ष 1989 में राम मंदिर आंदोलन के समय विहिप ने देश भर में लोगों से सवा रुपये राम मंदिर के नाम पर चंदा लिया था। मंदिर के शिल्पकार गुजरात के चंद्रकांत सोमपुरा के मुताबिक पहले के मॉडल के अनुसार लागत 100 करोड़ रुपये तक आनी थी। अब मंदिर को और विशाल और ऊंचा बनाए जाने की घोषणा के बाद लागत भी बढ़ जाएगी। विहिप पदाधिकारियों के मुताबिक जल्द ही एक अभियान शुरू कर देश के 2.75 लाख गांवों में राम प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। जिन गांवों में मंदिर नहीं होगा वहां जन सहयोग के साथ राम मंदिर भी बनाया जाएगा। विहिप के साथ ही भाजपा के कार्यकर्ता गांवों व शहरों में 10 करोड़ परिवारों से संपर्क साध कर हर घर से 11 रुपये राम मंदिर के लिए सहयोग राशि लेंगे। इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण के लिए जनसहयोग की अपील की थी। राम मंदिर का निर्माण कर रहे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि आर्थिक सहयोग के अलावा बड़े पैमाने पर लोगों ने सोना व चांदी की शिलाएं भी दान की हैं। हालांकि ट्रस्ट ने अब लोगों से सोना चांदी की जगह पैसों से सहयोग करने को कहा है। निखिल तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव कुणाल किशोर ने महावीर मंदिर पटना की ओर से राम मंदिर के गर्भ गृह को सोने से मढऩे का एलान करते हुए 10 करोड़ रुपये दान करने की बात कही है। महावीर मंदिर पटना की ओर से दो करोड़ रुपये दिए भी जा चुके हैं। शिवसेना के ओर से भी पांच करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के साथ ही कई अन्य धार्मिक संस्थाएं भी राम मंदिर के लिए आर्थिक सहयोग देंगी। लखनऊ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन सहित हैदराबाद के एक जौहरी ने सोना व चांदी मंदिर के लिए दान किया है। राम मंदिर बना रहे ट्रस्ट के मुताबिक जनता से आर्थिक सहयोग लेने की प्रक्रिया अगले तीन वर्षों तक जारी रहेगी। योजना के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण वर्ष 2024 में पूरा हो पाएगा। हालांकि इसका पहला चरण वर्ष 2022 में ही पूरा हो जाएगा।