उच्च आवृत्ति संकेतकों का प्रदर्शन नरम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 12:03 AM IST

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा है कि आधार सामान्यीकरण जारी रहने, आपूर्ति के मोर्चे पर गतिरोध बनने और हद से ज्यादा बारिश से सितंबर 2021 में उच्च आवृत्ति वाले अधिकांश संकेतकों का साल-दर-साल प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
इक्रा ने आज बताया कि 15 उच्च आवृत्ति संकेतकों में से 14 संकेतकों का साल-दर-साल प्रदर्शन अगस्त की तुलना में सितंबर में गिरा है। सिर्फ गैर-खाद्य बैंक संकेतक ही इसका अपवाद रहा। इसके लिए आधार सामान्यीकरण का सिलसिला जारी रहने, आपूर्ति से जुड़ी बाधाएं और सामान्य से 35 फीसदी अधिक बारिश जैसे कारकों का मिला-जुला असर जिम्मेदार रहा है। मोटरसाइकिल एवं स्कूटर, घरेलू विमान यात्री आवागमन और जीएसटी ई-वे बिल जारी होने से आधार सामान्यीकरण की स्थिति देखी गई जबकि सेमी-कंडक्टर की किल्लत ने यात्री वाहनों की आपूर्ति को काफी प्रभावित किया।
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है कि दूसरी लहर से पैदा हुआ संकट कम होने से साल की दूसरी तिमाही में आर्थिक रिकवरी का दायरा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में अधिकांश संकेतकों ने कोविड-पूर्व स्तर को पीछे छोड़ दिया है। बहाली की प्रक्रिया की गति अलग-अलग है और विभिन्न क्षेत्रों की वृद्धि की रफ्तार अलग है।

First Published : October 21, 2021 | 11:48 PM IST