आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बन सकते हैं रेलवे स्टेशन: प्रधानमंत्री

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 2:38 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रेलवे स्टेशनों को परिवहन के माध्यम से लेकर आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की जरूरत है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये गुजरात में रेलवे की कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। मोदी ने शुक्रवार को गांधीनगर राजधानी रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया जिसे नए सिरे से तैयार किया गया।
जिन नई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया उनमें मेहसाणा-वरेठा गेज लाइन, नई विद्युतीकृत सुरेंद्रनगर-पिपावाव सेक्शन भी शामिल हैं। इस सेक्शन को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और यह डबल कंटेनरों के प्रबंधन वाली सुविधाओं से लैस होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गांधीनगर एवं वाराणसी के बीच एक नई साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन, राजधानी गांधीनगर एवं वरेठा के बीच एक मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। जिन गैर-रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया उनमें एक्वैटिक्स और रोबोटिक्स गैलरी, गुजरात साइंस सिटी में नेचर पार्क भी शामिल है। 
रेलवे स्टेशनों में अपार संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा, ‘किसी भी शहर में रेलवे स्टेशन मुख्य स्थानों पर ही होते हैं, ऐसे में ये एक प्राइम प्रॉपर्टी होते हैं। इन स्टेशनों को शहर में आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में तैयार किया जा सकता है। हवाईअड्डे की तर्ज पर रेलवे स्टेशनों का विकास सार्वजनिक-निजी मॉडल की दिशा पर आधारित है जिसमें हम आगे बढ़ रहे हैं।’

रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण केंद्र के लिए प्राथमिकता रहा है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक 125 स्टेशनों के पुनर्विकास का काम फिलहाल जारी है। इन परियोजनाओं के साथ-साथ रियल एस्टेट पर होने वाला कुल निवेश 50,000 करोड़ रुपये से अधिक है। मोदी ने कहा, ‘नई आधुनिक ट्रेन सेवाओं की शुरुआत के साथ ही रेलवे के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है और सुरक्षा, स्वच्छता और रफ्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारतीय रेलवे की पहचान बदलने लगी है और आज जहां सुविधाएं भी बढ़ी है वहीं सुरक्षा भी बेहतर हुई है और गति भी तेज हुई है। रेलवे के संसाधनों का आधुनिकीकरण और उन्हें आधुनिक बनाने के अन्य प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।’
मोदी ने गुजरात में 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और कहा कि नए भारत के विकास की गाड़ी दो पटरियों पर एक साथ चलते हुए ही आगे बढ़ेगी और इनमें एक पटरी आधुनिकता की है तो दूसरी गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के कल्याण की। उन्होंने कहा, ‘हमने रेलवे को सिर्फ एक सेवा के तौर पर नहीं बल्कि एक धरोहर के तौर पर विकसित करने के लिए काम शुरू किया। आज इसके परिणाम दिखने लगे हैं।’  गांधीनगर स्टेशन पर बना पांच सितारा होटल 318 कमरों वाला है और 790 करोड़ रुपये की लागत से बना है। गांधीनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और उसके ऊ पर पांच सितारा होटल का निर्माण जनवरी 2017 में शुरू हुआ था और प्रधानमंत्री मोदी ने इनकी आधारशिला रखी थी।

गांधीनगर स्टेशन पर बना पांच सितारा होटल 318 कमरों वाला है और 790 करोड़ रुपये की लागत से बना है। गांधीनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और उसके ऊपर पांच सितारा होटल का निर्माण जनवरी 2017 में शुरू हुआ था और प्रधानमंत्री मोदी ने इनकी आधारशिला रखी थी। होटल के ठीक सामने एक सम्मेलन केंद्र स्थापित किया गया है जिसका नाम महात्मा मंदिर है। यहां संगोष्ठियों और सम्मेलनों में हिस्सा लेने वाले राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय अतिथि इस होटल में ठहर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि गांधीनगर रेलवे स्टेशन देश का पहला ऐसा नए सिरे से तैयार किया गया स्टेशन है जहां हवाईअड्डे जैसी सुविधाएं हैं। स्टेशन पर दो ऐस्केलेटर, दो ऐलीवेटर और प्लेटफॉर्म को जोडऩे वाले दो भूमिगत पैदल पार पथ हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के भारत की जरूरत 20वीं सदी के तौर-तरीकों से पूरी नहीं हो सकती इसलिए रेलवे में नए सिरे से सुधार की जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘हमने रेलवे को सिर्फ एक सेवा के तौर पर नहीं बल्कि एक धरोहर के तौर पर विकसित करने के लिए काम शुरू किया। आज इसके परिणाम दिखने लगे हैं।’ उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों का प्रयास ही है कि आज पूर्वोत्तर के राज्यों की राजधानियों तक पहली बार रेल पहुंच रही है।

उन्होंने कहा, ‘आने वाले दिनों में जैसे ही समर्पित मालवाहक गलियारे शुरू हो जाएंगे, ट्रेनों की गति और बढ़ेगी। तेजस और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेलगाडिय़ां तो अभी से चलने भी लगी हैं। आज यह रेलगाडिय़ां यात्रियों को एक नया और अद्भुत अनुभव दे रही हैं।’ 
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद की साइंस सिटी में तीन नए आकर्षणों का उद्घाटन भी किया। इन आकर्षणों में एक एक्वेटिक गैलरी, एक रोबोटिक गैलरी और एक नेचर पार्क शामिल हैं। एक्वेटिक गैलरी का निर्माण 260 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और यह देश का सबसे बड़ा एक्वेरियम है जबकि रोबोटिक गैलरी का निर्माण 127 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसमें 79 अलग-अलग प्रकार के 200 रोबोट रखे गए हैं। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बना नेचर पार्क 20 एकड़ क्षेत्र में फैला है और उसमें जानवरों की मूर्तियां बनी हैं। 

First Published : July 17, 2021 | 2:37 AM IST