इक्विटी के मुकाबले कर्ज ज्यादा होने (गियरिंग) और लाभ में नरमी के कारण जीआईसी हाउसिंग फाइनैंस को मौजूदा पूंजी पर्याप्तता अनुपात बनाए रखने या लोन पोर्टफोलियो में इजाफे के लिए प्रवर्तकों या बाहरी निवेशकों से पूंजी की दरकार हो सकती है।
दिसंबर 2020 में पूंजी पर्याप्तता अनुपात हालांकि 16.45 फीसदी था (न्यूनतम नियामकीय अनिवार्यता 13 फीसदी से ज्यादा), लेकिन ज्यादा क्रेडिट लागत के कारण उसका आंतरिक सृजन सीमित हो सकता है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने ये बातें कही है।
दिसंबर 2020 में उसका गियरिंग 8.99 गुना था और मार्च 2020 में 9.32 गुना। कई वर्षोँ से आंतरिक पूंजी सृजन पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी के मुताबिक था, जिससे बिना किसी बाहरी पूंजी के स्थिर गियरिंग स्तर बनाए रखने में मदद मिल रही थी। हालांकि लाभ में नरमी से जीआईसी हाउसिंग फाइनैंस के आंतरिक पूंजी सृजन पर असर पड़ सकता है।
गैर-जीवन बीमा कंपनियों की तरफ से प्रवर्तित एचएफसी की योजना गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र के जरिये 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की है। इस ऋणपत्र को एए प्लस की रेटिंग मिली है।
कंपनी का सकल पोर्टफोलियो दिसंबर 2020 में 13,108 करोड़ रुपये का था और वैयक्तिक होम लोन की हिस्सेदारी कुल लोनबुक में 89 फीसदी थी। उसकी क्रेडिट लागत वित्त वर्ष 21 के नौ महीने में 2.09 फीसदी हो गई, जो वित्त वर्ष 2020 में 0.76 फीसदी थी, जिसकी वजह कंपनी की तरफ से कोविड-19 के लिए किया गया उच्च प्रावधान रही। ऐसे में जीआईसी हाउसिंग का लाभ नरम हो गया क्योंकि वित्त वर्ष 21 के नौ महीने में उसने 26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। वित्त वर्ष 20 में उसका शुद्ध लाभ 46 करोड़ रुपये रहा था, जो वित्त वर्ष 19 के 171.81 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है।