बदलती जीवन-शैली के कारण भारत के शहरी अमीर लोगों में तनाव बढ़ता जा रहा है।
इसी से निजात दिलाने के लिए चंडीगढ़ के अल्केमिस्ट ग्रुप ने पंचकूला के नजदीक 10 एकड़ में एक आयुर्वेदिक गांव बनाने का निर्णय किया है। इस आयुर्वेदिक गांव में तनाव से राहत देने के लिए हीलिंग जैसे पुराने तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह आयुर्वेदिक गांव विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा और कमाई का बढ़िया जरिया बन सकेगा। अल्केमिस्ट ग्रुप ने हेल्थकेयर के क्षेत्र में एक संपूर्ण केंद्र खोलने की दिशा में दो साल पहले पहल की थी और इसने इलाज की अन्य परंपरागत तकनीकों, जैसे- नाड़ी परीक्षा (नसों से जुड़ा हुआ इलाज) और पंचक्रम थिरेपी (शरीर की संपूर्ण सफाई और टोन-अप थिरेपी) के जरिये काफी नाम कमाया।
आयुर्वेदाचार्य डॉ. इवातुरी रामकृष्ण ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस आयुर्वेद गांव में एक शोध संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और विशेष इलाज के लिए खास कॉटेज होंगे। यह आयुर्वेद कॉलेज बीएएमएस की डिग्री (आयुर्वेद मेडिकल साइंस में स्नातक की उपाधि) देगा, जो पंजाब या हरियाणा विश्वविद्यालय से संबद्ध होगा। हरियाणा के यमुनानगर जिले में 40 एकड़ क्षेत्रफल में अल्केमिस्ट ने विशेषज्ञों के निरीक्षण में जरूरी जड़ी-बूटियों को उगाने का काम पहले से ही शुरू कर दिया है। इस ग्रुप ने पंचकूला में इस जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण और ट्रायल उत्पादन के लिए एक केंद्र की भी स्थापना की है।
रामकृष्ण के मुताबिक, वजन घटाने के लिए मेडिकेटेड शहद, मधुमेह रोगियों के लिए इंस्टैंट फूड, जोड़ों मे दर्द के लिए प्राकृतिक जड़ी-बूटी, चर्म रोग के लिए प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पादों का निर्माण इस केंद्र में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी है। इस तरह के उत्पाद का निर्माण कर इसका निर्यात भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
रूस, अमेरिका, पश्चिमी जर्मनी और जापान में स्थित 69 आयुर्वेदिक केंद्र, वहां के स्थानीय लोगों पर ही निर्भर है। इस लिहाज से अगर भारत में शिवालिक पहाड़ियों के आसपास के क्षेत्र में अगर इस तरह के आयुर्वेदिक केंद्रों की स्थापना की जाए, तो वहां पर ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आकर्षित होंगे। यह उत्तरी भारत में अपने तरह का अकेला प्रयास होगा और उम्मीद है कि एक साल के भीतर यह चालू हो जाएगा। डॉ. रामकृष्ण ने इस बात पर जोर दिया कि अंग्रेजी हेल्थकेयर केंद्र की अपेक्षा आयुर्वेद ग्राम खोलने में कही कम खर्च आता है और इससे फायदा भी ज्यादा होता है।
पंचकूला में देसी पद्धति से इलाज के लिए बन रहा है आयुर्वेद ग्राम
शोध संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और इलाज की होगी सुविधा
जड़ी-बूटियों से निर्मित दवाइयों का किया जा सकेगा निर्यात