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कोविड मसले पर बैठक के भारत के आह्वान पर डब्ल्यूटीओ ने की चर्चा

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:12 PM IST

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की आम परिषद ने सोमवार को कोविड-19 महामारी को लेकर बहुपक्षीय निकायों की प्रतिक्रिया पर एक आभासी मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाने के आह्वान पर चर्चा की गई।
संगठन की यह पहल हफ्तों पहले भारत की ओर से बहुपक्षीय निकाय की आम परिषद के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र के बाद नजर आई है। इस पत्र में भारत ने महामारी को लेकर डब्ल्यूटीओ की प्रतिक्रिया के मुद्दे पर आभासी मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाने का आह्वान किया था। इसमें कोविड-19 से संबंधित टीकों, चिकित्सा विज्ञान और निदान के लिए बौद्घिक संपदा अधिकारों के लिए व्यापार संबंधी पहलू (ट्रिप्स) समझौते के कुछ खंडों में अस्थायी तौर पर छूट देने का प्रस्ताव भी शामिल है। आम परिषद निर्णय लेने वाली सर्वोच्च स्तरीय निकाय है और व्यापारिक संगठन के कार्यों के निष्पादन के लिए निययमित रूप से बैठक करती है।
डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक (डीजी) नगोजी ओकोंजो इवेला ने महामारी की प्रतिक्रिया पर एक व्यापाक डब्ल्यूटीओ परिणाम की दिशा में तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘महामारी को आरंभ हुए दो वर्ष बीत चुके हैं। ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद हमें अपनी बारहवीं मंत्रिस्तरीय कॉन्फ्रेंस को रद्द करने को मजबूर होना पड़ा। इसने हमें विश्व की एक बड़ी आबादी को बिना टीका की खुराक के रखने के जोखिम की याद दिला दी।’उन्होंने कहा, ‘अब हमें डब्ल्यूटीओ में बौद्घिक संपदा पर बहुपक्षीय परिणाम और अन्य मुद्दों तक पहुंचने के लिए तत्काल अपना योगदान देने के लिए कदम उठाने होंगे ताकि कोविड-19 के खिलाफ मुकाबले की दिशा में हो रहे वैश्विक प्रयासों में पूरी तरह से योगदान दिया जा सके।’ अक्टूबर, 2020 में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने ट्रिप्स समझौते के कुछ खंडों में अस्थायी तौर पर छूट देने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव दिया था ताकि और अधिक देशों विशेष तौर पर कम और मध्य आय वाले देशों की कोविड टीके तक पहुंच बनाने में मदद की जाए। यह औद्योगिक डिजाइन, व्यापार गोपनीयता, पेटेंट और कॉपीराइट पर लागू होगा। फिलहाल, 100 से अधिक देश इस प्रस्ताव के समर्थन में हैं जिनमें से 64 डब्ल्यूटीओ में प्रस्तावों के सह प्रायोजक हैं। हालांकि, डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों को इस पर आमराय बनाना बाकी है। कुछ विकसित देशों ने प्रस्ताव का विरोध किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एक उपयुक्त परिणाम पर पहुंचने की तत्काल जरूरत और महत्त्व को रेखांकित करते हुए डब्ल्यूटीओ भारतीय प्रस्ताव पर सदस्यों के साथ परामर्श करेगा। 

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First Published - January 11, 2022 | 11:49 PM IST

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