Republican presidential candidate and businessman Vivek Ramaswamy (Reuters)
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने कहा है कि वह अपनी हिंदू आस्था के कुछ मूलभूत सिद्धांतों को “यहूदी-ईसाई मूल्यों” के साथ जोड़ते हैं लेकिन वह ईसाई धर्म का प्रसार करने के लिए सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपति नहीं होंगे।
भारतीय मूल के 38 वर्षीय अरबपति बायोटेक कारोबारी ने बुधवार को लोवा में सीएनएन के एक टाउनहॉल में शिरकत की।
इस दौरान उन्होंने अपने धर्म, आव्रजन, सीमा सुरक्षा और आर्थिक असमानता के विषयों पर प्रश्नों के उत्तर दिए। एक श्रोता ने रामास्वामी से उन लोगों की धारणा के बारे में पूछा जिनका मानना है कि वह उनके राष्ट्रपति नहीं बन सकते क्योंकि उनका धर्म वह नहीं है जिसके आधार पर हमारे पूर्वजों ने इसे आगे बढ़ाया था। रामास्वामी ने उत्तर में कहा, ‘‘वह इस बात को विनम्रता के साथ खारिज करते हैं।’’
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उन्होंने कहा कि वह अपनी हिंदू आस्था के कुछ मूलभूत सिद्धांतों को लोवा के अनेक मतदाताओं के ‘‘यहूदी-ईसाई मूल्यों’’ से जोड़ते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह ईसाई धर्म का प्रसार करने के वास्ते सबसे अच्छे राष्ट्रपति नहीं होंगे।