मीडिया की आजादी के लिए काम करने वाले एक एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने बुधवार को कहा कि इजराइल और हमास के बीच युद्ध में 34 पत्रकार मारे गए हैं। इसके साथ ही समूह ने दोनों पक्षों पर युद्ध अपराधों में शामिल रहने का आरोप लगाया है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स नामक इस संगठन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजकों से पत्रकारों की मौतों की जांच करने का आह्वान किया।
संगठन ने कहा कि उसने पहले ही गाजा पट्टी में नागरिक क्षेत्रों पर इजराइल की बमबारी में आठ फलस्तीनी पत्रकारों और हमास के हमले में एक इजराइली पत्रकार के मारे जाने की शिकायत दर्ज कराई है।
संगठन के महानिदेशक क्रिस्टोफ डेलॉयर ने कहा कि खास कर गाजा में पत्रकारों को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, उसकी आईसीसी के अभियोजकों द्वारा प्राथमिकता से जांच किए जाने की जरूरत है। इस संगठन का मुख्यालय फ्रांस में है।
इस बीच मीडिया की आजादी के लिए काम करने वाले एक अन्य संगठन कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने बुधवार को कहा कि उसने युद्ध में पत्रकारों के “मारे जाने, घायल होने, हिरासत में लिए जाने या लापता होने’’ की खबरों की जांच की है। संगठन ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार इस युद्ध में कम से कम 31 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की मौत हुई है।