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भारत-चीन सीमा वार्ता बेनतीजा

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:07 PM IST

भारत और चीन की सेनाओं के बीच 14वें दौर की वार्ता में कोई सफलता नहीं मिली और दोनों पक्ष करीबी संपर्क बनाए रखने तथा शेष मुद्दों के यथाशीघ्र परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए वार्ता जारी रखने को सहमत हुए। एक संयुक्त बयान में यह कहा गया है। भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने बुधवार को कहा था कि भारत 14वें दौर की वार्ता में पूर्वी लद्दाख में गश्त बिंदु 15 (हॉट स्प्रिंग्स) पर सैनिकों को पीछे हटाने से जुड़े मुद्दों के हल के लिए आशान्वित था। भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की 14वें दौर की बैठक बुधवार को चीन की ओर चुशुल-मोल्दो सीमा बैठक स्थल पर हुई थी। संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों के रक्षा और विदेश मामलों से संबंधित प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित थे। इसमें कहा गया है, ‘दोनों पक्षों ने पश्चिमी सेक्टर (लद्दाख सीमा) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर संबद्ध मुद्दों के समाधान के लिए खुलकर और गहराई से विचारों का आदान-प्रदान किया।’ बयान में कहा गया है कि वे इसे लेकर सहमत हुए कि दोनों पक्षों को दोनों देशों के नेतृत्व द्वारा उपलब्ध कराये गये दिशानिर्देश का पालन करना चाहिए तथा शेष मुद्दों के यथाशीघ्र हल के लिए काम करना चाहिए। संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘यह जिक्र किया गया कि इससे पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर शांति एवं स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार हो सकेगा।’   

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First Published - January 13, 2022 | 11:07 PM IST

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