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‘भारत-पाकिस्तान सीमा के पास यात्रा ना करें’

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Last Updated- December 11, 2022 | 11:31 PM IST

अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के लिए दूसरे तथा तीसरे स्तर का यात्रा परामर्श जारी करते हुए, आतंकवाद तथा सांप्रदायिक हिंसा का हवाला देते हुए अमेरिकी नागरिकों से पाकिस्तान की यात्रा करने पर पुनर्विचार करने और अपराध तथा आतंकवाद का हवाला देते हुए भारत जाने वालों से सावधानी बरतने को कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को भारत के लिए एक परामर्श जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों से आतंकवादी खतरों तथा नागरिक असंतोष के चलते जम्मू-कश्मीर और सशस्त्र संघर्ष की आशंका के कारण भारत-पाकिस्तान सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में यात्रा ना करने का आग्रह किया है।
परामर्श में कहा गया, ‘भारतीय अधिकारियों ने बताया कि बलात्कार, भारत में सबसे तेजी से बढ़ते अपराधों में से एक है। यौन उत्पीडऩ जैसे, हिंसक अपराध भी पर्यटन स्थलों तथा अन्य स्थानों पर सामने आए हैं।’ उसमें कहा गया कि आतंकवादी मामूली या बिना किसी चेतावनी के पर्यटन स्थलों, परिवहन अड्डों, बाजार/मॉल और सरकारी संस्थानों पर हमला कर सकते हैं। परामर्श में कहा गया कि अमेरिका सरकार के पास पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्से, पूर्वी महाराष्ट्र और उत्तरी तेलंगाना के ग्रामीण क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की सीमित क्षमता है क्योंकि अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को इन क्षेत्रों की यात्रा करने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के लिए जारी परामर्श में अमेरिकी नागरिकों से आतंकवादी हमलों तथा अपहरण के खतरे का हवाला देते हुए बलूचिस्तान प्रांत और खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) प्रांत की यात्रा ना करने का आग्रह किया, जिसमें पूर्व संघ प्रशासित कबायली क्षेत्र (एफएटीए) भी शामिल है। साथ ही, सशस्त्र संघर्ष की आशंका के चलते नियंत्रण रेखा के आसपास के इलाकों में ना जाने को भी कहा है।
परामर्श में कहा गया, ‘आतंकवादी संगठन अब भी पाकिस्तान में हमलों की योजना बना रहे हैं। आतंकवाद के स्थानीय इतिहास और चरमपंथी तत्त्वों द्वारा हिंसा की वैचारिक आकांक्षाओं के कारण असैन्यों के साथ-साथ स्थानीय सैन्य तथा पुलिस लक्ष्यों पर भी अंधाधुंध हमले किए गए हैं। आतंकवादी मामूली या बिना किसी चेतावनी के परिवहन अड्डों, बाजार, मॉल, सैन्य संस्थानों, स्कूल, अस्पतालों, हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों, पर्यटन स्थलों पर हमला कर सकते हैं।’

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First Published - November 16, 2021 | 8:38 PM IST

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