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रेल माल ढुलाई में सुस्ती जारी, कोयला और कंटेनर कार्गो में मामूली बढ़त

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त्योहारी मौसम के कारण रेलवे को यात्री गाड़ियों को लेकर बेहद चौकन्ना रहना पड़ा था। इस त्योहारी मौसम में रिकॉर्ड 12 करोड़ मुसाफिरों ने यात्रा की थी।

Last Updated- December 08, 2024 | 10:54 PM IST
Railway

रेल माल ढुलाई में सुस्ती नवंबर में भी जारी रही। राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने बीते साल नवंबर की तुलना में इस नवंबर में महज 1.36 फीसदी वृद्धि के साथ 13 करोड़ टन माल की ढुलाई की।

अधिकारियों के मुताबिक रेल की माल ढुलाई में करीब आधा हिस्सा कोयले का होता है। कोयले की ढुलाई सालाना आधार पर 3.4 फीसदी बढ़कर 6.55 करोड़ टन हुई। भारत के मौसम विभाग ने 3 दिसंबर को कहा था कि भारत में औसत तापमान सामान्य से 1.05 फीसदी अधिक था और बीता माह सातवां सबसे गर्म नवंबर महीना था। अक्टूबर तक उपलब्ध प्रमुख बुनियादी क्षेत्र के आंकड़ों के अनुसार बिजली उत्पादन में सालाना आधार पर 5.3 फीसदी की वृद्धि हुई थी।

भारतीय रेल के कंटेनर की आवाजाही नवंबर में 3.9 फीसदी बढ़ी थी जबकि 2024-25 में इस माह तक कुल वृद्धि 3.4 फीसदी थी। लौह अयस्क/इस्पात कार्गो में 1.8 फीसदी की वृद्धि हुई थी जबकि अनाज कार्गो में करीब 5 फीसदी का इजाफा हुआ था।

भारत की माल ढुलाई में प्रमुख हिस्सेदारी रखने वाले उर्वरक के कार्गो में 0.8 फीसदी की सपाट वृद्धि हुई। अन्य वस्तुओं की ढुलाई में सुस्त वृद्धि हुई। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते दो महीनों में यात्री गाड़ियों पर ध्यान अधिक था।

त्योहारी मौसम के कारण रेलवे को यात्री गाड़ियों को लेकर बेहद चौकन्ना रहना पड़ा था। इस त्योहारी मौसम में रिकॉर्ड 12 करोड़ मुसाफिरों ने यात्रा की थी। साल 2023 में कम आय वाले यात्रियों की जरूरतों की अनदेखी करने के लिए मंत्रालय की आलोचना की गई थी।

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First Published - December 8, 2024 | 10:54 PM IST

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