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G-20 इन्फ्रा सम्मेलन के लिए ऋषिकेश का कायाकल्प

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उत्तराखंड में G20 की आखिरी बैठक में प्रतिनिधि रात्रिभोज और गंगा आरती का आनंद लेंगे

Last Updated- June 26, 2023 | 12:03 AM IST
G20 Summit

भारत की G-20 अध्यक्षता में G-20 इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यसमूह (आईडब्ल्यूजी) की तीसरी बैठक उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में शुरू हो रही है। G-20 के सदस्य देशों, आमंत्रित देशों और कैम्ब्रिज और ऑक्सफर्ड जैसे अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के 63 प्रतिनिधि, 2023 इन्फ्रास्ट्रक्चर एजेंडा पर चर्चा को आगे बढ़ाने और विशाखापत्तनम में मार्च 2023 में आयोजित दूसरी आईडब्ल्यूजी बैठक के दौरान हुई चर्चाओं के बाद बैठक में भाग लेने के लिए तैयार हैं। चर्चा सात सत्रों में आयोजित की जाएगी और इसमें दो अलग इवेंट भी होंगी।

आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव सोलोमन अरोकियाराज ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ‘समूह बुनियादी ढांचे के निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेगा जिसमें बुनियादी ढांचे को एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में विकसित करना, गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे के निवेश को बढ़ावा देना और बुनियादी ढांचे के निवेश के लिए वित्तीय संसाधनों को जुटाने के लिए नए साधनों की पहचान करना शामिल है।’

आईडब्ल्यूजी की अंतिम बैठक के नतीजों को जुलाई में गांधीनगर में होने वाली G-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में पेश किया जाएगा। अरोकियाराज ने कहा, ‘वैश्विक आबादी का 50 प्रतिशत पहले से ही शहरी क्षेत्रों में रहता है। लगभग 70 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित होने का अनुमान है। हम उन तरीकों पर विचार कर रहे हैं जिनसे हम इसे और अधिक व्यावहारिक बना सकते हैं।’

ऋषिकेश को नरेंद्र नगर से जोड़ने वाले राजमार्ग से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित 100 से अधिक परिवारों वाले औणी गांव में कुछ महीने पहले तक स्ट्रीट लाइट नहीं थी। लेकिन अब वहां रौनक देखी जा सकती है और गांववासी कुछ ऐसी तैयारी कर रहे हैं जिसके बारे में उनमें से अधिकांश लोगों ने G-20 प्रतिनिधियों की यात्रा से पहले सोचा भी नहीं था।

नरेंद्रनगर से 14 किलोमीटर दूर मौजूद इस गांव की निवासी शारदा ने कहा, ‘दो महीने पहले, हमारे पास एक सही सड़क तक नहीं थी। अब, एक महीने में यह दूसरी बार है जब लोग हमारे गांव का दौरा करने आ रहे हैं। हमें यह नहीं पता कि यह शिखर सम्मेलन (G-20) उपयोगी होगा या नहीं लेकिन इससे हमें निश्चित रूप से फायदा हुआ है।’

G-20 इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप (आईडब्ल्यूजी) की तीसरी बैठक की तैयारी हो रही है। प्रतिनिधियों के शनिवार सुबह राज्य में पहुंचने के साथ ही राज्य में काम पूरे जोरों पर था और यह G-20 बैठकों की अंतिम तीन बैठक की मेजबानी करने के लिए तैयार है।

देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर प्रतिनिधियों का पारंपरिक संगीत के साथ स्वागत किया गया, वहीं हवाईअड्डे के अंदर और बाहर की दीवारों को भी अतिथियों के स्वागत के लिए सजाया गया था। वहीं ऋषिकेश और नरेंद्रनगर की ओर जाने वाली सड़कों को भी दुरुस्त किया गया है।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की शुरुआत की थी, जिसमें राज्य की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए सड़कों और रेलिंग पर दोबारा काम शुरू किया गया और जानकी पुल पर बजरंग बली की प्रतिमा आकर्षण के लिए लगाई गई है।

शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए विशेष रूप से कई कार्यक्रम तैयार किए गए हैं और इसके अलावा आयोजन स्थलों को सजाने के लिए भित्ति चित्रों, स्थानीय चित्रों और वास्तुकला पर दोबारा काम किया गया है। G-20 प्रतिनिधियों के मनोरंजन के लिए स्थानीय कलाकार उत्तराखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली एक प्रस्तुति भी देंगे जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के बाद गढ़वाली व्यंजनों पर आधारित रात्रिभोज का भी आयोजन किया गया है।

जिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है उनमें मुख्य रूप से त्रिवेणी घाट पर होने वाली गंगा आरती है। प्रतिनिधि जिन मार्गों से जाएंगे उन मार्गों का नवीनीकरण किया गया है, जिसके तहत सामने के हिस्से को सुंदर बनाने के साथ ही डिवाइडर पर पौधरोपण, दीवार पेंटिंग और घाट पर ही ऊर्ध्वाधर बागवानी की गई है। प्रतिनिधियों का स्वागत प्रसाद के साथ चंदन टीका लगाकर और पारंपरिक धागा बांधकर किया जाएगा।

इन प्रतिनिधियों का औणी गांव का दौरा करने का भी कार्यक्रम है, जिसे बैठक से पहले बड़े पैमाने पर नया रूप दिया जा गया है। 10 करोड़ रुपये की लागत से इस गांव की सूरत बदलने के साथ ही इसे ‘आधुनिक गांव’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। गांव में लगभग 40 सौर स्ट्रीट लाइट, दो नए ट्रांसफार्मर और दो वॉशरूम लगाए गए हैं।

आगंतुक ग्रामीणों के साथ बातचीत करेंगे और ग्रामीणों को आने वाले प्रतिनिधियों के यात्रा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रतिनिधि नवनिर्मित पंचायत घर में पंचायत कार्यवाही का भी हिस्सा होंगे और गांव में दोपहर का भोजन भी करेंगे।

गांव के एक निवासी ने कहा, ‘औणी अचानक एक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा है। गांव में हर रोज करीब 150-200 लोग घूमने आ रहे हैं जबकि राज्य के लोगों को भी इस जगह के बारे में पता नहीं था। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों के लोग भी हमारे पास आ रहे हैं। यह हमारे लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।’

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First Published - June 26, 2023 | 12:03 AM IST

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