कांग्रेस नेता राहुल गांधी | फाइल फोटो
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सत्ताधारी भाजपा और चुनाव आयोग पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करना सबसे बड़ा देश-विरोधी काम है। राहुल ने सदन में बोलते हुए जोर देकर कहा कि जब आप किसी का वोट चुराते हैं, तो आप भारत की मूल सोच को ही तोड़ते हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए तंज कसा कि ये लोग वोट चोरी करके देश के खिलाफ काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि चुनाव आयोग पर आरएसएस और भाजपा का पूरा कब्जा हो चुका है। उन्होंने कहा कि ये संस्थागत कब्जा है, जो देश के चुनाव सिस्टम को सीधे कंट्रोल कर रहा है। राहुल ने आगे कहा कि उन्होंने सबूत दिए हैं कि चुनाव आयोग सत्ता में बैठे लोगों के साथ मिलकर चुनावों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सदन के सामने तीन बड़े सवाल उठाए, जिसमें दावा किया गया कि भाजपा चुनाव आयोग को इस्तेमाल करके भारत की लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।
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पहला सवाल राहुल ने ये उठाया कि चुनाव आयुक्तों को चुनने वाले पैनल से मुख्य न्यायाधीश को क्यों हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि ये बदलाव लोकतंत्र के लिए खतरा है। दूसरा, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने कानून में बदलाव करके चुनाव आयुक्तों को इम्यूनिटी का तोहफा क्यों दिया। राहुल के मुताबिक, ये फैसला आयोग को और ज्यादा मजबूत बनाने के बजाय उसे दबाव में रखने का तरीका है। तीसरा सवाल सीसीटीवी फुटेज के कानून में बदलाव पर था। उन्होंने पूछा कि फुटेज को नष्ट करने की इजाजत देने वाला नियम क्यों बदला गया, जो पारदर्शिता को कमजोर करता है।
राहुल ने चुनाव सुधारों के लिए कुछ सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को सभी पार्टियों को चुनाव से एक महीने पहले मशीन से पढ़ी जा सकने वाली वोटर लिस्ट देनी चाहिए। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने वाले कानून को तुरंत रद्द करना चाहिए। ये कदम चुनावों को ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में मदद करेंगे।
कांग्रेस नेता ने हरियाणा चुनावों का उदाहरण देकर अपने आरोपों को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव चोरी हुए और ये चोरी चुनाव आयोग ने ही सुनिश्चित की। राहुल ने दोहराया कि हाल के चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेरफेर हुआ। उन्होंने नवंबर में वायरल हुए अपने दावे का जिक्र किया, जहां एक ब्राजीलियन महिला की फोटो का इस्तेमाल 22 बार वोट डालने के लिए किया गया। ये वोट 10 अलग-अलग बूथों में कई नामों से डाले गए। हालांकि, उस मॉडल ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनका चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल ने ये भी कहा कि चुनाव आयोग पर प्रभाव का नतीजा अब चुनाव अभियानों में साफ दिखता है। उन्होंने दावा किया कि अब कैंपेन चार-पांच महीने लंबे डिजाइन किए जाते हैं, ताकि प्रधानमंत्री का शेड्यूल आसानी से फिट हो सके।