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कम कीमतों के कारण भारत का कच्चे तेल के आयात का बिल घटा, जनवरी में 18.8% की कमी

जनवरी 2026 में भारत ने 211 लाख टन कच्चा तेल खरीदा, जबकि पिछले साल जनवरी में 212 लाख टन कच्चे तेल का आयात हुआ था

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- February 18, 2026 | 9:44 PM IST

तेल मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के कच्चे तेल के आयात का खर्च जनवरी महीने में सालाना आधार पर 18.8 प्रतिशत घटकर 9.5 अरब डॉलर रह गया है। इस दौरान आयात की मात्रा में 0.2 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है। आयात का बिल कम रहने की वजह कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में कमी है।

पेट्रोलियम प्लानिंग और एनॉलिसिस सेल (पीपीएसी) के आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल के आयात बिल में गिरावट इसलिए हुई है, क्योंकि जनवरी में इंडियन बॉस्केट क्रूड की औसत कीमत 63.08 बैरल प्रति डॉलर रही है, जो पिछले साल के 80.20 डॉलर प्रति बैरल की तुलना में 17.12 डॉलर प्रति बैरल कम है।

जनवरी 2026 में भारत ने 211 लाख टन कच्चा तेल खरीदा, जबकि पिछले साल जनवरी में 212 लाख टन कच्चे तेल का आयात हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर मांग के बीच आपूर्ति की संभावित अधिकता की चिंता के कारण कच्चे तेल की कीमतें उल्लेखनीय रूप से गिर गई हैं। अप्रैल-जनवरी की अवधि के दौरान भारत के कच्चे तेल का आयात बिल पिछले साल के 114.1 अरब डॉलर से 12 प्रतिशत घटकर 100.4 अरब डॉलर रह गया है।

भारत के कुल आयात में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से अधिक है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए बहुत सकारात्मक हैं, क्योंकि देश कच्चे तेल की कुल जरूरतों का 90 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस की कुल जरूरतों का 50 प्रतिशत आयात करता है।

कच्चे तेल के अलावा भारत तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का भी आयात करता है। साथ ही डीजल और पेट्रोल जैसे उत्पादों का निर्यात भी करता है।

भारत के तेल और गैस का शुद्ध बिल जनवरी में सालाना आधार पर 12.8 प्रतिशत घटकर 9.5 अरब डॉलर रह गया है। वहीं अप्रैल से जनवरी के दौरान सालाना आधार पर बिल 12 प्रतिशत गिरकर 97 अरब डॉलर रह गया है।

जनवरी में भारत का एलएनजी आयात पिछले साल की तुलना में 15.3 प्रतिशत बढ़कर 2,808 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एमएससीएम) हो गया, जबकि पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट्स (पीओएल) उत्पादों का आयात इस महीने में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 0.5 प्रतिशत बढ़ गया।

बहरहाल जनवरी में भारत के पीओएल उत्पादों का निर्यात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.3 प्रतिशत घट गया है। इसका मुख्य कारण अन्य चीजों के अलावा विमान ईंधन (एटीएफ), वैक्यूम गैस ऑयल (वीजीओ), और फ्यूल ऑयल (एफओ) का कम निर्यात था।

First Published : February 18, 2026 | 9:42 PM IST