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Hathras Stampede: राहुल गांधी अलीगढ़ पहुंचे, हाथरस में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजन से की मुलाकात

कांग्रेस नेता सुबह करीब 7.15 बजे अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे। इसके बाद राहुल गांधी हाथरस के विभव नगर इलाके में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।

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भाषा   
Last Updated- July 05, 2024 | 9:58 AM IST

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन से शुक्रवार सुबह यहां मुलाकात की। पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी। राहुल गांधी सुबह दिल्ली से सड़क मार्ग से हाथरस के लिए रवाना हुए।

उनके साथ कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष अजय राय, पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रभारी अविनाश पांडे, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और अन्य पदाधिकारी भी हैं।

राहुल गांधी सुबह करीब 7:15 बजे अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे। वह हाथरस के विभव नगर इलाके में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।

पुलिस के अनुसार, दो जुलाई को भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले 121 लोगों में से 17 अलीगढ़ से थे और 19 लोग हाथरस से थे। राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राहुल सुबह करीब पांच बजकर 10 मिनट पर दिल्ली से हाथरस के लिए रवाना हुए थे।’’

उन्होंने कांग्रेस नेता के दिन भर के कार्यक्रम का ब्योरा साझा करते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी अलीगढ़ के पिलखना में हाथरस कांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह हाथरस के नवीपुर खुर्द के पास ग्रीन पार्क और विभव नगर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।’’

जब एक मृतक के परिवार के सदस्य मोनू से संवाददाताओं ने पूछा कि राहुल गांधी ने उनसे क्या बातचीत की, उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने हमसे पूछा कि यह घटना कैसे हुई? आपके परिवार के कितने लोग मारे गए हैं? उन्होंने यह भी कहा कि वह (हमारी) मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे, और सरकार से बात करेंगे क्योंकि उनकी पार्टी (कांग्रेस) सत्ता में नहीं है।’’

अपनी भाभी को खोने वाली एक अन्य महिला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राहुल गांधी ने हमसे कहा कि (कांग्रेस) पार्टी हमारी मदद करेगी, और हमें मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने हमसे यह भी पूछा कि यह घटना कैसे हुई।’’

बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस में हुई भगदड़ की घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया, जो इस संभावना की भी जांच कर रहा है कि धार्मिक सभा में मची भगदड़ के पीछे कोई साजिश तो नहीं थी। इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई।

First Published : July 5, 2024 | 9:57 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)