Heavy traffic snarl witnessed at Ghazipur border ahead of farmers' 'Delhi Chalo' march today.
Farmers Protest: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर किसान आज यानी मंगलवार से आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत कई और मांगों के लिए पंजाब से किसान दिल्ली में फिर से आंदोलन करने जा रहे हैं। किसानों ने ऐलान किया है कि वह मंगलवार सुबह 10 बजे दिल्ली कूच करेंगे।
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर जाम में फंसे लोग
किसान के दिल्ली चलो आंदोलन के ऐलान के बाद इसके मद्देनजर दिल्ली की सिंघू, गाजीपुर और टिकरी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है तथा यातायात पाबंदियां लागू की गई हैं। वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए दिल्ली की सीमाओं की कंक्रीट के अवरोधक और सड़क पर बिछाए जाने वाले लोहे के नुकीले अवरोधक लगाकर किलेबंदी कर दी गई है। इस कारण से आज सुबह दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लंबा जाम देखने को मिल रहा है। यात्रियों को असुविधा हो रही है। खासतौर पर, लंबे जाम के कारण ऑफिस जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में अगले महीने तक के लिए लागू हुई धारा 144
दिल्ली पुलिस ने सामाजिक अशांति पैदा होने की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में एक महीने (12 मार्च) के लिए आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी है। धारा 144 लागू हो जाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में सभा करने, जुलूस या रैलियां निकालने और लोगों को लाने-ले जाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉली के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
दिल्ली पुलिस कमिशनर संजय अरोड़ा द्वारा जारी आदेश के जरिए किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस निकालने और सड़कों एवं मार्गों को अवरुद्ध करने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश 12 फरवरी से 12 मार्च तक लागू रहेगा।
किसान आंदोलन के मद्देनजर पुलिस ने 5,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है, जबकि सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए क्रेन और अन्य भारी वाहनों को तैनात किया है।
केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई थी बैठक
‘दिल्ली चलो’ आंदोलन को रोकने के लिए केंद्रीय मंत्रियों ने चंडीगढ़ में सोमवार रात किसान नेताओं के साथ पांच घंटे से अधिक समय तक बैठक की, जो बेनतीजा रही।
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “लगभग 5 घंटे तक हमारी मंत्रियों के साथ बैठक चली। हमने उनके सामने एक एजेंडा रखा था लेकिन केंद्र सरकार किसी भी बात पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी। केंद्र सरकार हमसे समय मांग रही है। उन्होंने हमसे 2 साल पहले भी समय मांगा था, जब किसान आंदोलन खत्म हुआ था। अगर कोई ठोस प्रस्ताव होता तो हम समय देने के बारे में सोचते लेकिन उनके पास कुछ भी नहीं है…हमने उनसे कहा कि सरकार ऐलान कर दे कि वे MSP खरीद की गारंटी का कानून बनाएंगे… लेकिन इसपर भी सहमति नहीं बनी।”