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अप्रैल से अक्टूबर के बीच देश में 9.4 प्रतिशत बढ़ गई बिजली की खपत, मंत्रालय ने बताई वजह

व्यस्त समय में अधिकतम बिजली की मांग अप्रैल-अक्टूबर, 2023 में लगभग 242 गीगावाट रही, जो बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में 215.88 गीगावाट रही थी।

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भाषा   
Last Updated- November 05, 2023 | 4:09 PM IST

देश में बिजली खपत अप्रैल-अक्टूबर, 2023 में सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत बढ़कर 984.39 अरब यूनिट (बीयू) रही है। पिछले वित्त वर्ष के पहले सात माह में बिजली खपत 899.95 अरब यूनिट रही थी। आर्थिक गतिविधियों बढ़ने और मौसम की परिस्थितियों की वजह से बिजली का उपभोग बढ़ा है।

बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, व्यस्त समय में अधिकतम बिजली की मांग अप्रैल-अक्टूबर, 2023 में लगभग 242 गीगावाट रही, जो बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में 215.88 गीगावाट रही थी।

देश में बिजली खपत अक्टूबर में लगभग 22 प्रतिशत बढ़कर 138.94 अरब यूनिट रही। इसकी वजह त्योहारों के साथ आर्थिक गतिविधियों में तेजी है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल समान महीने में बिजली की खपत 113.94 अरब यूनिट थी, जबकि अक्टूबर, 2021 में यह 112.79 अरब यूनिट थी।

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, “पिछले दो महीनों में बिजली खपत में भारी वृद्धि हुई है।”

अक्टूबर 2023 में टाटा पावर-दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड के परिचालन वाले क्षेत्र में बिजली की खपत लगभग 10.16 प्रतिशत बढ़कर 84.5 करोड़ यूनिट हो गई, जबकि अक्टूबर, 2022 में यह 76.7 करोड़ यूनिट थी। उन्होंने कहा, “मुख्य रूप से इस वर्ष सर्दियों की शुरुआत में देरी के कारण मांग अधिक बनी हुई है। अक्टूबर महीने में त्योहारी गतिविधियों ने भी मांग में वृद्धि में योगदान दिया है।”

हालांकि, प्रवक्ता ने कहा कि इस साल हल्की गर्मी के कारण अप्रैल-मई के दौरान बिजली की खपत पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी कम थी। प्रवक्ता ने बताया कि अत्यधिक आर्द्र परिस्थितियों के कारण जुलाई से मांग बढ़ने लगी थी।

बिजली मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि गर्मियों के दौरान देश की बिजली की मांग 229 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। बेमौसम बारिश के कारण अप्रैल-जुलाई में मांग अनुमानित स्तर तक नहीं पहुंची।

First Published : November 5, 2023 | 4:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)