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Delhi Pollution: दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर; स्वास्थ्य चेतावनी जारी

Delhi AQI: दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए GRAP-III के तहत शुक्रवार से BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर रोक लगा दी है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- November 16, 2024 | 11:15 AM IST

Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। आज चौथे दिन भी हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 406 रिकॉर्ड किया गया। घना स्मॉग शहर को अपनी चपेट में ले चुका है। इस प्रदूषण के कारण सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।

इन वाहनों पर रोक

दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-III) के तहत शुक्रवार से BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर रोक लगा दी है।

सरकार ने नियम तोड़ने पर ₹20,000 का जुर्माना लगाने का ऐलान किया है और कहा है कि ऐसा करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194(1) के तहत कार्रवाई हो सकती है।

आदेश में कहा गया है, “दिल्ली में BS-III या उससे नीचे के डीजल वाले मीडियम गुड्स व्हीकल्स (MGVs), जो दिल्ली में रजिस्टर हैं, का चलना मना होगा। हालांकि, यह नियम आवश्यक वस्तुएं लाने-ले जाने या जरूरी सेवाएं प्रदान करने वाले वाहनों पर लागू नहीं होगा।”

दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड बीएस-III और उससे कम श्रेणी के डीजल से चलने वाले हल्के व्यावसायिक वाहन (LCV), जो आवश्यक वस्तुएं या सेवाएं नहीं ले जा रहे हैं, पर पाबंदी लगाई गई है।

इसके अलावा, एनसीआर राज्यों से आने वाली डीजल बसों को भी रोक दिया गया है, सिवाय उन बसों के जो इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI श्रेणी की हैं, या फिर जिनके पास ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट है।

500 पार पहुंचा AQI

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शनिवार को आनंद विहार का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 490 तक पहुंच गया, जबकि जहांगीरपुरी में AQI 510 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। अन्य क्षेत्रों जैसे आरके पुरम और द्वारका में AQI 360 से 450 के बीच रहा, जिसे ‘बहुत अस्वस्थ’ श्रेणी में रखा गया है।

‘खतरनाक’ AQI का मतलब है कि यह सभी आयु वर्ग के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बाहरी गतिविधियां सीमित करनी चाहिए। लोगों को अच्छी क्वालिटी के एयर प्यूरीफायर और N95 मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही, प्रदूषण के अधिक होने वाले समय में बाहर ज्यादा समय बिताने से बचने की हिदायत दी गई है।

First Published : November 16, 2024 | 10:47 AM IST