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SIR Form: मतदाता सूची में बड़ा बदलाव! ECI ने SIR की समय सीमा बढ़ाई, जानें क्यों

SIR Form: चुनाव आयोग (ECI) ने देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही विशेष तीव्र मतदाता सूची संशोधन (SIR) की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- November 30, 2025 | 5:27 PM IST

SIR Form: चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार को देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही विशेष तीव्र मतदाता सूची संशोधन (SIR) की प्रक्रिया की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। यह कदम विपक्ष के उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि “सख्त समयसीमा” लोगों और स्थानीय चुनाव अधिकारियों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।

चुनाव आयोग के बयान के अनुसार, मतदाता सूची फॉर्म वितरण अब 4 दिसंबर की बजाय 11 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद प्रारूपित मतदाता सूची 9 दिसंबर की बजाय 16 दिसंबर को प्रकाशित होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची अब 7 फरवरी 2026 के बजाय 14 फरवरी 2026 को जारी होगी।

आयोग के अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है, जहां यह प्रक्रिया चल रही है।

विपक्ष ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान कम से कम 40 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की मौतें हुई हैं, जिनमें अधिकांश आत्महत्या की घटनाएँ समय सीमा का दबाव झेलने के कारण हुईं। वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने EC के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह साबित करता है कि आयोग जानता था कि पहले की समयसीमा “व्यावहारिक नहीं” थी।

विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) का यह काम संसद के शीतकालीन सत्र के ठीक पहले किया गया है। पिछला सत्र बिहार में चल रहे SIR पर विपक्ष द्वारा बहस की मांग के कारण अधूरा रह गया था। विपक्ष ने अब भी इस पर बहस करने की योजना बनाई है।

चुनाव आयोग ने यह SIR 27 अक्टूबर को इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू की थी। इस बड़े मतदाता सूची संशोधन में लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

इसमें शामिल राज्य और केंद्रशासित प्रदेश:

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

  • लक्षद्वीप

  • छत्तीसगढ़

  • गोवा

  • गुजरात

  • केरल

  • मध्य प्रदेश

  • पुदुचेरी

  • राजस्थान

  • तमिलनाडु

  • उत्तर प्रदेश

  • पश्चिम बंगाल

इनमें से तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं। वहीं असम में 2026 के चुनावों के लिए मतदाता सूची का अलग ‘विशेष संशोधन’ किया जा रहा है।

ज्यादातर राज्यों में आखिरी SIR 2002-2004 के बीच हुई थी, और अब मौजूदा मतदाताओं का डेटा उस समय की सूची के अनुसार अपडेट किया जा रहा है।

SIR का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान करना और उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना है। यह कदम उन राज्यों में और महत्वपूर्ण हो गया है, जहां अवैध प्रवासियों, विशेषकर बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोगों पर कार्रवाई तेज हुई है।

First Published : November 30, 2025 | 5:27 PM IST