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वोडा आइडिया के प्रवर्तकों ने किया शेयरधारक समझौते में संशोधन

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:53 PM IST

वोडाफोन आइडिया (वीआई) के प्रवर्तकों ने केंद्र सरकार के लिए इक्विटी के प्रस्तावित निर्गम से संबंधित अपने प्रशासनिक अधिकारों को सुरक्षित बनाने के लिए शेयरधारक समझौते में बदलाव किया है।
जनवरी में दूरसंचार कंपनी के बोर्ड ने सरकार के लिए विलंबित बकाया पर 16,000 करोड़ रुपये की शुद्घ मौजूदा वैल्यू के साथ ब्याज को इक्विटी में तब्दील करने का निर्णय लिया था। मौजूदा समय में, वोडाफोन गु्रप और आदित्य बिड़ला समूह की इसमें 44.39 प्रतिशत और 27.66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। ब्याज को इक्विटी में तब्दील किए जाने से वीआई में सरकार की 35.8 प्रतिशत हिस्सेदारी हो जाएगी और दो प्रवर्तकों की शेयरधारिता में बड़ी कमी आएगी। इक्विटी निर्गम के बाद, वोडाफोन और बिड़ला समूहों कीी इसमें 28.5 प्रतिशत तथा 17.8 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाने की संभावना है।  
इसलिए, अपने प्रशासनिक अधिकारों को सुरक्षित बनाने के लिए समझौते में संशोधन किया गया है। इसमें प्रमुख अधिकारियों को नियुक्त करने या हटाने का अधिकार शामिल है। मौजूदा समय में प्रत्येक समूह में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी सीमा का अधिकार है और संशोधन के अनुसार इसे घटाकर 13 प्रतिशत किया गया है। संशोधन में उन कदमों का भी जिक्र किया गया है जो प्रवर्तक किसी एक की शेयरधारिता 13 प्रतिशत के दायरे से नीचे जाने पर उठाएंगे।
संशोधित समझौते को 26 मार्च की बैठक में वोटिंग के लिए रखा जाएगा। वीआई 14,500 करोड़ रुपये तक जुटाने और अपनी अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाकर 75,000 करोड़ रुपये करने के लिए भी शेयरधारक मजंूरी हासिल कर रही है। बोर्ड ने कोष उगाही योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिसमें प्रवर्तकों से 4,500 करोड़ रुपये  निवेश और शेष इक्विटी या डेट योजनाओं के जरिये शामिल है।

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First Published - March 6, 2022 | 11:37 PM IST

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