facebookmetapixel
मनरेगा की जगह आए ‘वीबी-जी राम जी’ पर सियासी घमासान, 2026 में भी जारी रहने के आसारबिना बिल के घर में कितना सोना रखना है कानूनी? शादी, विरासत और गिफ्ट में मिले गोल्ड पर टैक्स के नियम समझेंMotilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्सNew Year 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे 10 नए नियम, आपकी जेब पर होगा असर2026 की पहली तिमाही में PPF, SSY समेत अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर कितना मिलेगा ब्याज?1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमान

कर्ज देने वाले चाइनीज ऐप से जुड़े खातों के 106 करोड़ रुपये जब्तः ED

Last Updated- March 30, 2023 | 11:40 AM IST
Enforcement Directorate

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये कर्ज बांटने वाली फर्मों के खिलाफ जारी जांच के सिलसिले में विभिन्न भुगतान मंचों एवं बैंक खातों में मौजूद करीब 106 करोड़ रुपये की राशि जब्त की है। जांच एजेंसी ने बुधवार को बयान में यह जानकारी दी।

चीनी नागरिकों के नियंत्रण वाले इन मोबाइल एप्लिकेशन पर ऑनलाइन कर्ज देकर लोगों को परेशान करने के आरोपों के सिलसिले में धनशोधन मामले की जांच ईडी कर रहा है।

इस जांच के दौरान ईडी ने विभिन्न वाणिज्यिक खातों एवं बैंक खातों में मौजूद करीब 106 करोड़ रुपये की राशि धनशोधन निरोधक अधिनियम के तहत जब्त की है। यह राशि रेजरपे, कैशफ्री, पेटीएम, पेयू एवं ईजबज जैसे भुगतान मंचों के साथ खोले गए वाणिज्यिक खातों और कई बैंकों में मौजूद खातों में रखी गई थी।

जांच एजेंसी ने कहा कि इन फर्मों का गठन चीनी नागरिकों की तरफ से ‘फर्जी’ निदेशक नियुक्त कर किया गया था। ये फर्म अपने कर्मचारियों के केवाई दस्तावेज का इस्तेमाल कर उन्हें निदेशक के रूप में नियुक्त कर देती थीं। उनकी पूर्व-सहमति के बगैर उनके नाम पर बैंक खाते भी खोले गए।

ऑनलाइन मंचों के जरिये मोबाइल एप्लिकेशन से छोटी राशि के कर्ज फौरन दे दिए जाते थे। उनकी वसूली के दौरान लोगों को परेशान करने की कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

First Published - March 30, 2023 | 11:40 AM IST

संबंधित पोस्ट