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उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड नरम, रुपये पर दबाव बरकरार

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प्राइमरी डीलरशिप के एक डीलर ने कहा, शुरुआत में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बिकवाली आई

Last Updated- April 24, 2026 | 10:37 PM IST
Bonds

शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड नीचे बंद हुई। शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 4 आधार अंक बढ़ गई थी। लेकिन अंत में यह यील्ड पिछले बंद स्तर 6.95 फीसदी के मुकाबले 1 आधार अंक कम होकर 6.94 फीसदी पर बंद हुई।

प्राइमरी डीलरशिप के एक डीलर ने कहा, शुरुआत में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बिकवाली आई। लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में यह खबर आई कि ईरान पाकिस्तान का दौरा कर सकता है, जिससे बाजार में तेजी आ गई।

उन्होंने कहा, जहां तक नीलामी के नतीजों की बात है, तो तीन साल वाले सेगमेंट ने जबरदस्त प्रदर्शन किया जबकि बाकी कर्व को भी अच्छा-खासा समर्थन मिला। असल में, लंबे अवधि वाले हिस्से में कुछ जोरदार बोली देखने को मिली।

सरकार ने साप्ताहिक नीलामी में 32,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां बेचीं। नए 30 वर्षीय ग्रीन बॉन्ड पर ब्याज दर 7.5 फीसदी तय की गई। दिन के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। दूसरी ओर, घरेलू इक्विटी में बिकवाली के चलते रुपये पर दबाव बना रहा।

स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 0.16 फीसदी गिरकर 94.26 पर बंद हुई। मौजूदा कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 4.65 फीसदी की गिरावट आई है जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक डॉलर के मुकाबले इसमें 0.59 फीसदी की मजबूती देखने को मिली है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज़ के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, भारतीय रुपया मुश्किल दौर से गुजर रहा है। यह लगातार 5 दिनों से गिर रहा है और सितंबर 2022 के बाद से इसमें सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट देखी गई है। इस गिरावट की वजह दो चीजे हैं- आरबीआई द्वारा करेंसी नियमों पर अपनी पकड़ ढीली करना और वैश्विक तनाव के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी। निवेशक फिर से सतर्क हो रहे हैं।

कुछ समय तक खरीदारी के बाद अब विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, रुपया कमजोर स्थिति में रहेगा और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर तक पहुंच सकता है।

2 लाख करोड़ रुपये की वेरिएबल रेट रिवर्स रीपो (वीआरआरआर) नीलामी वापस लेने के बाद ओवरनाइट वेटेड ऐवरेज कॉल रेट (डब्ल्यूएसीआर) में भी नरमी आई। डब्ल्यूएसीआर 5.12 फीसदी पर रही जबकि पिछली क्लोजिंग 5.25 फीसदी पर हुई थी। आरबीआई द्वारा एक और वीआरआरआर नीलामी की संभावना को लेकर बाजार की राय बंटी हुई है।

आरबीआई के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को बैंकिंग सिस्टम में शुद्ध नकदी 2.98 लाख करोड़ रुपये अधिशेष में थी।

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First Published - April 24, 2026 | 10:03 PM IST

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