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Bond Ratings: कंपनियों की वित्तीय सेहत बिगड़ रही है? रेटिंग डाउनग्रेड ने बढ़ाई चिंता

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मई में बड़ी संख्या में कंपनियों की बॉन्ड रेटिंग डाउनग्रेड हुई, जिससे वित्तीय दबाव के संकेत मिले

Last Updated- June 22, 2026 | 8:19 AM IST
Bonds

रेटिंग एजेंसियों ने मई में वित्तीय योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा डाउनग्रेड कर दिया है। इससे बिगड़ते वित्तीय हालात के संबंध में चिंता जाहिर होती हैं। यह आंकड़ा अगस्त 2021 की तुलना में बहुत अधिक है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों से पता चलता है कि मई में करीब 18.49 प्रतिशत साधनों की रेटिंग में गिरावट देखी गई। अप्रैल में यह 15.32 प्रतिशत थी और जनवरी में 10 प्रतिशत से कम।

फरवरी में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था। इस संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतें बढ़ीं और व्यापार प्रभावित हुआ। जून में अमेरिका ने संघर्ष खत्म होने का संकेत दिया, लेकिन कंपनियां इन भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित हो रही हैं। इन तनावों का असर जारी रहने की आशंका है। मई में रेटिंग में गिरावट संभवतः संघर्ष के तीसरे महीने में पहुंचने की वजह से बिगड़ती स्थिति को दर्शाती है।

ये वित्तीय साधन आम तौर पर ऐसे बॉन्ड होते हैं जिन्हें कंपनियां कारोबारी उद्देश्य से रकम जुटाने के लिए जारी करती हैं। कंपनियां निवेशकों को बॉन्ड बेचती हैं जिन्हें कंपनी की कारोबारी आय से नियमित रूप से ब्याज का भुगतान किया जाता है। विशेष एजेंसियां उनकी वित्तीय ताकत को दर्शाने वाली रेटिंग प्रणाली के जरिये ऐसी उधारी चुकाने की कंपनियों की क्षमता की संभावना पर जानकारी देती हैं। रेटिंग में गिरावट से पैसे वापस चुकाने की उनकी क्षमता में कमी का संकेत मिलता है। मई के सीएमआईई के अंतरिम आंकड़ों में 8,381 साधनों के बारे में जानकारी है। इनमें से लगभग 1,550 को डाउनग्रेड किया गया था।

बाजार के स्वतंत्र विशेषज्ञ द्विजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा, ‘युद्ध के कारण आपूर्ति लागत बढ़ चुकी है।’ जिन कंपनियों के पास मूल्य निर्धारण शक्ति नहीं है, वे इस बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल पाती हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति प्रभावित होती है। इस संघर्ष की समाप्ति से स्थिति में खासा सुधर हो सकता है, लेकिन घरेलू चुनौतियां भी हैं। अल-नीनो से वर्षा पर असर पड़ सकता है और संभावित ग्रामीण संकट का जोखिम पैदा हो सकती है।

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण नौकरियां गंवाए जाने की आशंका भी मांग को प्रभावित कर सकती है। श्रीवास्तव के अनुसार हालांकि ईरान संघर्ष की समाप्ति से फिलहाल राहत मिल सकती है, लेकिन आपूर्ति संबंध मसलों को सामान्य होने में कुछ महीने लग सकते हैं।

रेटिंग की निगरानी में रखे गए साधनों की हिस्सेदारी में भी इजाफा हुआ है। इससे जाहिर होता है उन साधनों की मौजूदा रेटिंग में बदलाव के असार हैं। ऐसे साधनों का हिस्सा बढ़कर 2.49 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले 60 महीनों में सबसे अधिक है। रेटिंग में वृद्धि का हिस्सा 12 महीने के निचले स्तर यानी 4.36 प्रतिशत स्तर पर था। रेटिंग एजेंसियों ने ईरान संघर्ष के कारण संभावित गिरावट की चेतावनी पहले ही दे दी थी।

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First Published - June 22, 2026 | 8:19 AM IST

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