facebookmetapixel
Advertisement
₹0.32 में खरीदा था NSE का शेयर, अब भाव ₹1,785; IPO से इन 10 निवेशकों को ₹16,500 करोड़ का फायदावोडाफोन आईडिया को बड़ी राहत! SBI की अगुवाई में बैंक देंगे 3.5 अरब डॉलर का लोनडॉलर के बिना बढ़ेगा कारोबार? पीयूष गोयल ने BRICS देशों के सामने रखा बड़ा सुझावगर्मी ने बढ़ाई बिजली की मांग, अगस्त में करीब 13% का उछाल; नुवामा को इन 3 शेयरों पर भरोसाबाजार खुलते ही क्यों हुई तगड़ी बिकवाली? निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ डूबे, गिरावट की 5 बड़ी वजहेंसोयाबीन मील ने बिगाड़ा खेल! भारत का ऑयलमील निर्यात 12.5% घटा, क्यों आई इतनी बड़ी गिरावटकोफोर्ज में गवर्नेंस पर घमासान! चेयरमैन पर बोर्ड से ऑडिट रिपोर्ट के नतीजे छिपाने का आरोपBrics Summit 2026: तीन दिन भारत में रहेंगे पुतिन, मोदी संग होगी अहम बातचीत; रक्षा, ऊर्जा और यूक्रेन युद्ध पर बनेगी रणनीतिमैगी से कोल्ड ड्रिंक तक पैकेट पर लगेगी लाल चेतावनी? भारत में खाने की क्वालिटी पर क्यों छिड़ी बहसNSE की कमाई का 60% सिर्फ ऑप्शंस से, नियम सख्त हुए तो कितना बड़ा है खतरा?

बैंकों से कार्यशील पूंजी नहीं ले रही पेटीएम

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 8:31 PM IST

पर्याप्त नकदी के कारण पेटीएम बैंकों की अल्पावधि वाली कार्यशील पूंजी की सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसके परिणामस्वरूप मूल कंपनी व उसकी सहायकों की मौजूदा परिसंपत्तियों पर प्रभार पिछले हफ्ते हटा दिया गया।
कंपनी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया।
तीसरी तिमाही के नतीजे में कंपनी ने कहा था कि उसके पास शुद्ध नकदी, नकदी समकक्ष और निवेश योग्य शेष 10,215 करोड़ रुपये की है। फरवरी में नियामकीय सूचना में यह भी कहा गया था कि कंपनी ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम मेंं जुटाई गई रकम 8,113 करोड़ रुपये में से महज 141 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया है।
बेंंगलूरु की एक फिनटेक स्टार्टअप के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने कहा, कंपनियां कभी-कभी अल्पावधि वाले कार्यशील पूंजी के कर्ज का भुगतान कर देती है जब उसके पास बैंक में बड़ी पूंजी जमा होती है। इससे उन्हें अपना कोलेटरल वापस लेने में मदद मिलती है, जो महज कंपनी का हिस्सा हो सकता है, जो तकनीकी कंपनियों के मामले में इक्विटी में तब्दील करने योग्य होता है। उनके मुताबिक, टेक कंपनियां बौद्धिक संपदा मसलन पेटेंट व सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी कोलेटरल की तरह कर सकती है लेकिन भारत में वित्तीय संस्थान सामान्य तौर पर ऐसी व्यवस्था पर सहमति नहीं जताते।
पेटीएम का शेयर शुक्रवार को बीएसई पर 546.20 रुपये पर बंद हुआ, जो आईपीओ कीमत 2,150 रुपये से 75 फीसदी नीचे है। बुधवार को पेटीएम का शेयर अब तक के निचले स्तर 520 रुपये को छू लिया था।
कंपनी का शेयर ऐसे समय में काफी ज्यादा टूटता रहा है जब तकनीकी कंपनियों के शेयर की कीमत दुनिया भर में दुनिया भर में पिटाई हुई है। हालांकि पेटीएम ने विश्लेषकों के गुस्से का भी सामना किया है जिन्होंने कर्ज वितरण व कम स्प्रेड वाले कारोबारी मॉडल से आय पर सवाल उठाया है।
दिसंबर तिमाही में पेटीएम का राजस्व सालाना आधार पर 89 फीसदी बढ़कर 1,456 करोड़ रुपये रहा था, वहीं शुद्ध नुकसान 778 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।

Advertisement
First Published - March 27, 2022 | 11:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement