वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को अनुसूचित जाति के लोगों को कर्ज देने और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्त संस्थानों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगी। बैंकों में अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए किए गए उपायों की समीक्षा बैठक के एजेंडे में से एक होगी। आरक्षण के […]
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अगले महीने की पहली तारीख से कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। ये बदलाव प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी रूप में आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्रेडिट कार्ड से लेकर सरकारी निवेश योजनाओं तक कई नियमों और योजनाओं में बदलाव होने हैं। आइए एक नजर […]
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आधार कार्ड (Aadhaar Card) आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसका उपयोग छोटे से लेकर बड़े कामों मे होता है। चाहे बैंक से जुड़े काम हो या फिर और कोई सरकारी काम हो, आधार कार्ड देना ही पड़ता है। आधार कार्ड केवल बड़ों के लिए ही नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी बहुत […]
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शिक्षा ऋण पोर्टफोलियो में चूक की करीब आठ प्रतिशत की ऊंची दर को देखते हुए बैंक अब सतर्क हो गए हैं और इस तरह के कर्ज की मंजूरी में विशेष सावधानी बरत रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों समेत अन्य बैंकों की शिक्षा ऋण श्रेणी में गैर निष्पादित आस्तियां (NPA) चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही […]
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Mutual Fund को लेकर जागरूकता और डिजिटल पहुंच बढ़ने से परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) ने चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में लगभग 70 लाख निवेशक खाते जोड़े हैं जिनके साथ ही इनकी कुल संख्या 13.65 करोड़ हो गई है। उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, 2021-22 […]
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डिजीटल पेयमेंट के आ जाने से आज के समय में लोन लेना बहुत आसान हो गया है। छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए लोग बैंक से कर्ज ले लेते हैं। पर क्या आपको पता है कि लोन भी गुड और बैड होते हैं? अगर नहीं, तो आज हम आपको आम भाषा में समझाएंगे की गुड और बैड […]
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आजकल हर कोई अपना फ्यूचर सिक्योर करने के बारे में सोचता है और कुछ ऐसे सेविंग्स प्लान को खरीदना के बारे में साचते हैं जो कम इन्वेस्टमेंट के साथ अच्छा रिटर्न दे। हालांकि जब भी सेविंग्स की बात होती है तो एफडी (Fixed Deposit-FD) का नाम लोगों के मन में सबसे पहले आता है। क्योंकि […]
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केंद्र सरकार की राजकोषीय स्थिति वित्त वर्ष 2023 में रूस से मिल रहे सस्ते कच्चे तेल और नॉमिनल जीडीपी के रूढ़िवादी अनुमान के कारण सुरक्षित बनी रह सकती है, भले ही गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 80.86 के निचले स्तर पर पहुंच गया है। सैद्धांतिक तौर पर देखें तो रुपये में गिरावट से कच्चे […]
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भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 9 सितंबर को समाप्त पखवाड़े में बैंकिंग व्यवस्था में ऋण वृद्धि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 16.2 प्रतिशत रही है, जो कई साल का उच्च स्तर है। इसके पहले 16 प्रतिशत वृद्धि दर नवंबर 2013 में दर्ज की गई थी। चालू वित्त वर्ष में अब […]
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आज के दौर में जहां हम मंदी, महामारी, बिमारी और बेरोज़गारी जैसे समस्या से जूझ रहे हैं, हमें किसी भी पल नयी आर्थिक समस्या से सामना करना पढ़ सकता है। ऐसे में पहले से तयारी कर लेना एक बेहतर रास्ता है। इस दौर में इंश्योरेंस लेना आवश्यक होगया है, क्यूंकि यह हमें और हमारे परिवार […]
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