facebookmetapixel
Advertisement
एथनॉल मिले पेट्रोल पर उठे सवालों का सरकार ने दिया जवाब, माइलेज घटने की बात भी मानीमहिलाओं के काम करने में सामाजिक सोच नहीं बल्कि नौकरियों की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा: एस. महेंद्र देवफ्लॉप से सुपरहिट बनी इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, कैसे दर्शकों ने पलट दी बॉक्स ऑफिस की बाजीEditorial: महिलाओं की नकद हस्तांतरण योजनाओं ने बदली तस्वीर, लेकिन बढ़ा राज्यों पर वित्तीय दबावअगले दो साल में IPO के लिए तैयार होंगी 210 नई कंपनियां, रेडसीर की रिपोर्ट में हुआ खुलासाSBI Funds Management आईपीओ से पहले बेचेगी हिस्सेदारी, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से जुटाए ₹1,655 करोड़शेयर बाजार में हफ्ते भर मची रही हलचल, रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की दम पर आखिरी दिन हुई चौतरफा रिकवरीरूफटॉप सोलर स्कीम को मिलेगी बड़ी रफ्तार, विश्व बैंक भारत के लिए जुटाएगा $4.2 अरब का प्राइवेट फंडMSME सेक्टर को बड़ी राहत, अब सभी सरकारी कंपनियों के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म से बिल भुगतान जरूरीओयो-जॉस्टल के बीच बढ़ा कानूनी विवाद, दिल्ली HC ने बैकपैकर हॉस्टल श्रृंखला की नई अर्जी को किया खारिज

बैंकिंग सेक्टर में हलचल! वारी रिन्यूएबल्स के बड़े सौदे को हरी झंडी, HSBC इंडिया ने दिए ₹1,255 करोड़

Advertisement

एचएसबीसी इंडिया ने आरबीआई के नए संशोधित नियमों के तहत वारी रिन्यूएबल्स को एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स में 55% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹1,255 करोड़ का ऋण दिया है

Last Updated- June 20, 2026 | 10:28 AM IST
HSBC
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

एचएसबीसी इंडिया ने वारी रिन्यूएबल टेक्नॉलजीज को एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड (एपीएसपीएल) में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए लगभग 1,255 करोड़ रुपये दिए हैं। 

इसके साथ ही वह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की संशोधित व्यवस्था के तहत अधिग्रहण के लिए रकम मुहैया कराने वाले शुरुआती निजी या विदेशी बैंकों में शुमार हो गया है। सौदे के लिए रकम एचएसबीसी से मिले ऋण और वारी की इक्विटी से आई है।

रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंक ऋण सुविधा निर्देश में 30 मार्च, 2026 को संशोधन किया था, जिसके बाद यह लेनदेन हुआ है। इस संशोधन के जरिये अधिग्रहण के लिए कंपनियों को धन मुहैया कराना आसान हो गया है। संशोधित नियम 1 जुलाई से लागू होने हैं मगर बैंक पहले ही उन्हें अपना सकते हैं। एचएसबीसी ने यह व्यवस्था तय तारीख से पहले ही लागू कर दी, जिससे उसे वारी का सौदा कराने में मदद मिली।

एचएसबीसी ने कहा कि यह लेनदेन अधिग्रहण के लिए रुपये में रकम मुहैया कराने का सौदा था और भारत में संधोधित व्यवस्था के तहत अधिग्रहण के लिए धन दिलाने के शुरुआती सौदों में है।

एचएसबीसी इंडिया के फाइनैंसिंग सॉल्यूशंस के सह प्रमुख चेतन जोशी ने कहा, ‘यह भारत में किसी बैंक द्वारा किए गए ऐसे पहले लेनदेनों में है और जहां तक हमें पता है, भारत में नए मानकों के तहत धन मुहैया कराने वाले हम पहले विदेशी या निजी बैंक हैं। यह लेनदेन सफलता से होने के साथ ही हम ऐसे सौदों की मजबूत पाइपलाइन तैयार करने में जुटे हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ऐसे और लेनदेन होंगे।’

नियामक को जी गई जानकारी में वारी ने कहा कि उसने लगभग 1,225 करोड़ रुपये में एपीएसपीएल में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी ली है। इसमें प्राथमिक अधिग्रहण शेयर आवंटन के जरिये हुआ और द्वितीयक अधिग्रहण शेयरों के हस्तांतरण से हुआ। अधिग्रहण पूरा होने के साथ ही एपीएसपीएल वारी रिन्यूएबल टेक्नॉलजीज की सहायक कंपनी बन गई है।

इससे पहले मई में कंपनी ने अधिग्रहण से जुड़े निर्णायक समझौते किए थे। इनमें एक शेयरधारक समझौता और एक शेयर खरीद और सबस्क्रिप्शन समझौता था। सौदे से पहले एपीएसपीएल में वारी की कोई हिस्सेदारी नहीं थी।

इस महीने की शुरुआत में भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष सीएस शेट्टी ने कहा था कि बैंक ने अधिग्रहण के लिए रकम उपलब्ध कराने का अपना पहला सौदा कर लिया है और दूसरा सौदा जल्द पूरा करने की कोशिश चल रही है।

Advertisement
First Published - June 20, 2026 | 10:28 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement