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मैक्स लाइफ का हिस्सा सहायक फर्मों के साथ लेगा ऐक्सिस बैंक

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:01 PM IST

ऐक्सिस बैंक और मैक्स फाइनैंशियल का सौदा एक बार फिर मुश्किलों में फंस गया है। इस बार रिजर्व बैंक ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की 17 फीसदी इक्विटी शेयर पूंजी के अधिग्रहण के ऐक्सिस बैंक के आवेदन पर विचार नहीं किया। इसके बजाय आरबीआई की सलाह पर सौदे में संशोधन होगा, जहां ऐक्सिस बैंक व उसकी सहायक ऐक्सिस कैपिटल व ऐक्सिस सिक्योरिटीज ने मैक्स लाइफ की 19 फीसदी हिस्सेदारी के लिए मैक्स फाइनैंशियल के साथ संशोधित समझौते में शामिल हुए हैं।
संशोधित करार के तहत मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में बैंक सिर्फ 9 फीसदी हिस्सेदारी लेगा और ऐक्सिस की इकाइयां मैक्स लाइफ की 3 फीसदी हिस्सेदारी लेगी। इसके बाद ऐक्सिस की इकाइयों के पास मैक्स लाइफ की अतिरिक्त 9 फीसदी हिस्सेदारी एक या अधिक चरणों में अधिग्रहीत करने का अधिकार होगा। ऐक्सिस बैंंक ने एक्सचेंजों को भेजे बयान में कहा, दोनों पक्षकारों के बीच पहले हुए करार की जगह अब संशोधित करार ले लेगा। यह लेनदेन नियामकीय मंजूरी आदि पर निर्भर करेगा।
अगस्त में पक्षकारों को अपना सौदा संशोधित करना पड़ा था क्योंंकि करार की शुरुआती शर्तें नियामकीय अड़चन में फंस गई। शुरू में ऐक्सिस बैंंक ने जीवन बीमा कंपनी की 29 फीसदी हिस्सेदारी लेने का इरादा जताया था। सौदे में संशोधन के बाद बैंंक ने कहा था कि वह कंपनी की 17 फीसदी हिस्सेदारी लेगा, जिसके परिणामस्वरूप मैक्स लाइफ की 18 फीसदी हिस्से पर उसका मालिकाना हक होगा।
पहले बीमा नियामक ने एक उपबंध को लेकर चिंता जताई थी कि शुरुआती करार में ऐक्सिस बैंक को असूचीबद्ध मैक्स लाइफ की 30 फीसदी हिस्सेदारी की अदलाबदली सूचीबद्ध इकाई मैक्स फाइनैंंशियल सर्विसेज से करने की अनुमति मिलने वाली थी। अदलाबदली अनुपात के आधार पर इकाई पांच साल तक सूचीबद्ध नहींं हो सकती थी। शुरुआती सौदे का ढांचा इस तरह का बनाया गया था जहां लंबी अवधि में मैक्स फाइनैंंशियल सर्विसेज का विलय मैक्स लाइफ में करने का इरादा था। अगर यह संभव नहीं होता तो ऐक्सिस बैंक को मैक्स लाइफ के शेयर पहले से तय कीमत पर मैक्स फाइनैंंशियल को बेचने का विकल्प रखना होता।
अप्रैल में ऐक्सिस बैंंक ने कहा था कि वह 1,592 करोड़ रुपये में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की 29 फीसदी हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रहा है और सौदा पूरा होने के बाद जीवन बीमा कंपनी में उसकी कुल हिस्सेदारी 30 फीसदी हो जाती। संयुक्त उदद्यम की बाकी 70 फीसदी हिस्सेदारी मैक्स फाइनैंंशियल सर्विसेज के पास होती।

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First Published - October 31, 2020 | 11:10 PM IST

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