facebookmetapixel
Stock Market: लगातार दूसरे दिन बाजार लाल निशान में; सेंसेक्स 245 अंक टूटा, निफ्टी फिसलाबजट क्या होता है? आसान भाषा में समझिएमकर संक्रांति से पहले माघ मेले में आग का तांडव, 20 से ज्यादा टेंट खाक, राहत की बात- कोई हताहत नहींBMC चुनाव के लिए प्रशासन और मतदाता तैयार, 3.48 करोड़ वोटर तय करेंगे 15,931 उम्मीदवारों का भविष्यMutual Funds का दिसंबर में कैसा रहा पोर्टफोलियो? लार्ज से स्मॉल कैप तक देखें क्या खरीदा, क्या बेचाBudget Expectation: बजट में कैपेक्स 10-15% बढ़ने की संभावना, प्राइवेट सेक्टर अब भी सतर्कईरान की हालात चिंताजनक: भारत ने अपने नागरिकों को यात्रा नहीं करने की सलाह दीInfosys Q3FY26 Results: मुनाफा 2% घटकर ₹6,654 करोड़ पर आया, कंपनी ने रेवेन्यू गाइडेंस 3 से 3.5% तक बढ़ायानिवेशक कैसे बनाएं दमदार पोर्टफोलियो? एसेट एलोकेशन और री-बैलेंसिंग की समझ लें बारीकियांFY26 में 7.5–7.8% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था: डेलॉयट का अनुमान

तय निकासी से ज्यादा पर एटीएम शुल्क बढ़ा

Last Updated- December 12, 2022 | 3:47 AM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज करीब 9 वर्ष बाद एटीएम से लेनदेन के लिए इंटरचेंज शुल्क ढांचे में वृद्घि की अनुमति दे दी। रिजर्व बैंक ने यह वृद्घि ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) को स्थापित करने की लागत में हो रही वृद्घि और एटीएम के रखरखाव पर होने वाले खर्चों पर विचार करते हुए किया है। ये खर्च बैंकों और एटीएम परिचालकों द्वारा वहन किए जाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक ने सभी केंद्रों में वित्तीय लेनदेनों के लिए प्रति लेनदेन इंटरचेंज शुल्क को 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये और गैर वित्तीय लेनदेनों के लिए 5 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये कर दिया है। यह वृद्घि 1 अगस्त, 2021 से प्रभावी होगी।
जब कोई ग्राहक कार्ड जारीकर्ता बैंक से इतर अन्य बैंक के एटीएम से लेनदेन करता है तो कार्ड जारीकर्ता बैंक परिचालक को इंटरचेंज शुल्क का भुगतान करता है। फिलहाल कार्ड जारीकर्ता बैंक इंटरचेंज शुल्क के तौर पर प्रत्येक नकद लेनदेन के लिए 15 रुपये और गैर-नकद लेनदेन के लिए 5 रुपये का भुगतान करता है।    
एटीएम परिचालक काफी समय से इंटरचेंज शुल्क में वृद्घि करने की मांग कर रहे थे लेकिन बैंक इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे क्योंकि अंतत: इस अतिरिक्त लागत की भरपाई ग्राहकों से ही की जाती है।
रिजर्व बैंक ने जून 2019 में एटीएम शुल्कों के पूरे परिदृश्य की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया था जिसमें विशेष जोर एटीएम से किए जाने वाले लेनदेनों के लिए इंटरचेंज शुल्क पर रखा गया था।  
रिजर्व बैंक ने एटीएम से किए जाने वाले लेनदेनों के लिए इंटरचेंज शुल्कों में बदलाव के बारे में बोलते हुए कहा, ‘समिति की सिफारिशों की व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। यह भी देखा गया है कि एटीएम से होने वाले लेनदेनों के लिए इंटरचेंज शुल्क में अंतिम बार बदलाव अगस्त 2012 में किया गया था जबकि ग्राहकों द्वारा भुगतान किए जाने वाले शुल्कों में बदलाव अंतिम बार अगस्त 2014 में किया गया था। इन शुल्कों में बदलाव के बाद से काफी समय बीत चुका है।’     
रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि ग्राहक हर महीने अपने बैंक एटीएम से मुफ्त में पांच लेनदेनों के लिए पात्र होंगे जिसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन दोनों शामिल है। वहीं महानगरों में अन्य बैंक के एटीएम से हर महीने मुफ्त लेनदेन की सुविधा तीन बार के लिए सीमित रहेगी जिसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों शामिल है। महानगरों को छोड़कर अन्य जगहों पर ग्राहक अन्य बैंकों के एटीएम से हर महीने मुफ्त में पांच बार लेनदेन कर पाएंगे जिनमें वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के लेनदेन शामिल हैं।
फिलहाल अन्य बैंको के एटीएम से मुफ्त में निर्धारित सीमा से अधिक बार लेनदेन करने पर हर बार 20 रुपये शुल्क के तौर पर वसूला जाता है। रिजर्व बैंक ने अब इस शुल्क को 20 रुपये से बढ़ाकर 21 रुपये कर दिया है जो 1 जनवरी, 2022 से प्रभावी होगा।

First Published - June 10, 2021 | 11:46 PM IST

संबंधित पोस्ट