प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
छह बैंकों के ऋण वितरण में अक्टूबर-दिसंबर (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) के दौरान बीते साल की तुलना में दो अंकों की वृद्धि दर्ज हुई। तिमाही परिणाम की जानकारी देने वाले इन बैंकों ने इस अवधि में जमा राशि में भी बेहतर वृद्धि दर्ज की।
पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने सकल घरेलू ऋण वितरण में सालाना आधार पर 10.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। सरकारी बैंक पीएनबी का वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में सकला घरेलू ऋण वितरण बढ़कर 11.68 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि उसने बीते साल 10.60 लाख करोड़ रुपये के ऋण दिए थे। बैंक ऑफ इंडिया का ऋण वितरण सालाना आधार पर 5.46 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 6.29 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस क्रम में यूको बैंक का ऋण वितरण सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत बढ़कर 2.15 लाख करोड़ रुपये हो गया।
निजी ऋणदाताओं में साउथ इंडियन बैंक का ऋण वितरण सालाना आधार पर 11.3 प्रतिशत बढ़कर 96,795 करोड़ रुपये हो गया। बैंक ने एक्सचेंज को बताया कि 31 दिसंबर को समाप्त हुई तिमाही में 900 करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले। उसने बताया, ‘अगर बट्टे खाते में नहीं डाले जाते तो 31 दिसंबर, 2025 की समाप्ति पर वृद्धि 12.43 प्रतिशत होती।’
तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक का ऋण वितरण सालाना आधार पर 16.3 प्रतिशत बढ़कर 50,763 करोड़ रुपये हो गया। सीएसबी बैंक का ऋण वितरण सालाना आधार पर 29 प्रतिशत उछलकर 37,208 करोड़ रुपये हो गया।