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माह के अंत से टॉप कंपनियां बनाने लगेंगी एसी कंप्रेशर, आयात पर घटेगी भारत की निर्भरता

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Last Updated- March 12, 2023 | 8:00 PM IST

उपभोक्ता उपकरण बनाने वाली शीर्ष कंपनियां LG, Daikin और Midea इस महीने के अंत से एसी कंप्रेशर का विनिर्माण शुरू करने वाली हैं। सरकार के आंतरिक अनुमान के मुताबिक इससे वित्त वर्ष 2027-28 तक आयात पर निर्भरता करीब 15-16 प्रतिशत कम होने की संभावना है।

इन तीन कंपनियों को व्हाइट गुड्स (AC और LED) की श्रेणी में सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत लाभार्थी के रूप में चुना गया था।

एयर कंडिशनर (AC) में कंप्रेशर मुख्य घटक होता है और कुल विनिर्माण लागत में इसकी लागत करीब 30 प्रतिशत आती है। भारत इसका शुद्ध आयातक है। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि यहां कंप्रेशर बनाने वाली दो प्रमुख कंपनियां चीन की शांघाई हाइली ग्रुप, हाइली इंडिया और अमेरिका की टेकुमसेह की सहायक टेकुमसेह इंडिया कंप्रेशर बनाती हैं।

2022 में भारत में आवासीय एसी यूनिट्स की बिक्री करीब 85 लाख यूनिट रहने का अनुमान है। 2028 तक मांग बढ़कर 1.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकती है, जिसके लिए कंप्रेशरों की जरूरत होगी।

इन 3 कंपनियों की वित्त वर्ष 28 के दौरान कुल क्षमता 124 लाख यूनिट हो जाएगी। एक विश्लेषण के मुताबिक ऐसी स्थिति में भारत की आयात पर निर्भरता 84-85 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत रह जाएगी।

Daikin, LG और Midea ने वित्त वर्ष 24 से वित्त वर्ष 28 तक क्रमशः 190 लाख, 95 लाख और 99 लाख यूनिट कंप्रेशर बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

घरेलू बाजार व्यापक दौर पर आयात पर निर्भर है। मांग पूरी करने के लिए 85 प्रतिशत कंप्रेशर का आयात होता है। इसमें से दो तिहाई माल चीन से आता है। उसके बाद थाईलैंड और दक्षिण कोरिया से क्रमशः 15 प्रतिशत और 8 प्रतिशत आयात होता है।

उपरोक्त उल्लिखित व्यक्तियों में से एक ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘PLI के तहत विनिर्माता अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अगले कुछ साल में एसी कंप्रेशर की मांग पूरी तरह घरेलू रूप से होने की संभावना है।’

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First Published - March 12, 2023 | 8:00 PM IST

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