facebookmetapixel
त्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्टCorporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरी

फरवरी में फैक्टरियों के उत्पादन में संकुचन बढ़ा

Last Updated- December 12, 2022 | 5:58 AM IST

फरवरी महीने में लगातार दूसरे महीने औद्योगिक उत्पादन में 3.6 प्रतिशत की तेज गिरावट आई है, जबकि इसके पहले के महीने में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसका असर वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही की कुल आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है। पिछले 6 महीने में फैक्टरी आउटपुट में यह सबसे तेज संकुचन है।  
फैक्टरी आउटपुट का मापन औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर किया जाता है, जो एक साल पहले 16 महीने के उच्च स्तर 5.2 प्रतिशत पर था। यह वह महीना था, जिसके बाद मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन लगा दिया गया। आईआईपी में संकुचन की वजह फरवरी 2020 की उच्च वृद्धि दर को भी माना जा सकता है। अप्रैल-फरवरी 2020-21 में कुल मिलाकर गिरावट 11.3 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 1 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। इंडिया रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि सितंबर 2020 और अक्टूबर 2020 में कई त्योहारों की वजह से ज्यादा तेजी थी और अभी भी हम टिकाऊ रिकवरी से दूर हैं।’ विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन, जिसकी सूचकांक में हिस्सेदारी तीन चौथाई होती हैै, में फरवरी महीने में 3.7 प्रतिशत का संकुचन आया है, जिसमें एक साल पहले 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। खनन गतिविधियों में 5.5 प्रतिशत संकुचन आया है।

First Published - April 12, 2021 | 11:38 PM IST

संबंधित पोस्ट