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मजबूत मांग और नए ऑर्डर से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, मई में PMI ने छुआ तीन महीने का उच्च स्तर

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एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में बढ़कर 55 पर पहुंच गया, जो अप्रैल के 54.7 से ज्यादा है

Last Updated- June 01, 2026 | 10:27 PM IST
India Manufacturing PMI June 2026

मई में भारत के निजी क्षेत्र की विनिर्माण गतिविधियां 3 महीने में सबसे तेजी से बढ़ी हैं। खरीद का स्तर, नए ऑर्डर और आउटपुट में अप्रैल की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में बढ़कर 55 पर पहुंच गया, जो अप्रैल के 54.7 से ज्यादा है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक नए ऑर्डर, उत्पादन, रोजगार, आपूर्तिकर्ता की डिलिवरी में लगने वाला वक्त और खरीदे गए स्टॉक के इंडेक्स का भारित औसत पिछले महीने जारी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.3 से अधिक है। सूचकांक में 50 से अधिक रीडिंग प्रसार और इससे कम संकुचन का संकेत देता है। पिछले 55 महीने से आंकड़ा प्रसार के क्षेत्र में है।

सर्वे के अनुसार वस्तु उत्पादकों ने फरवरी के बाद से नए ऑर्डर और उत्पादन में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की है। उपभोक्ता सामान बनाने वालों की तुलना में मध्यवर्ती और पूंजीगत सामान की श्रेणियों में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली। सर्वे में बताया गया, ‘सर्वे में शामिल लोगों ने मांग में तेजी, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नए कारोबार में बढ़त को तेजी की वजह बताया।’

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘भारत का अंतिम विनिर्माण पीएमआई एक और महीने तक संभावित एहतियाती स्टॉक जमा करने की ओर इशारा करता है, क्योंकि पश्चिम एशिया का संघर्ष अभी भी अनसुलझा है। उत्पादन में वृद्धि तेज हुई, जबकि खरीदारी की गतिविधियां और तैयार माल का स्टॉक भी तेजी से बढ़ा।’

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First Published - June 1, 2026 | 10:27 PM IST

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