facebookmetapixel
Ultratech Cement Q3 Results: इंडिया सीमेंट और केसोराम के मर्जर का दिखा असर, मुनाफा 27% उछलाKotak Mahindra Bank Q3 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹4,924 करोड़ पर, होम लोन और LAP में 18% की ग्रोथमध्य-पूर्व में जंग की आहट? कई यूरोपीय एयरलाइंस ने दुबई समेत अन्य जगहों की उड़ानें रोकींDividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरलघर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं? RBI की दर कटौती के बाद जानें कहां किस रेट पर होम लोन मिल रहा हैदिल्ली में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई ठंडGDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकता

सर्विस सेक्टर में आई दमदार तेजी, प्रोडक्शन पहुंचा 13 साल के रिकॉर्ड स्तर पर

Last Updated- May 03, 2023 | 10:40 PM IST
Service PMI

भारत से सेवा क्षेत्र में अप्रैल महीने में जोरदार वृद्धि हुई है। बुधवार को जारी एक सर्वे के मुताबिक मांग बढ़ने से नया बिजनेस तेजी से बढ़ा और उत्पादन करीब 13 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसऐंडपी ग्लोबल के सर्वे के मुताबिक पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अप्रैल में बढ़कर 62 पर पहुंच गया, जो जून 2010 के बाद का उच्चतम स्तर है। मार्च में यह 57.8 पर था। सर्वे में 50 से ऊपर का आंकड़ा सेवा गतिविधियों में विस्तार और इससे कम संकुचन दिखाता है। अगस्त 2021 के बाद से ही लगातार प्रमुख आंकड़ों में विस्तार नजर आ रहा है।

सर्वे में कहा गया है, ‘साक्ष्यों से पता चलता है कि नए कारोबार की वृद्धि दर तेज रही है और बाजार की स्थिति अनुकूल है। 4 उपक्षेत्रों में से सबसे ज्यादा तेजी वित्त एवं बीमा में आई है।’

सर्वे से पता चलता है अप्रैल महीने में भारतीय सेवाओं के अंतरराष्ट्रीय मांग में तेजी आई है। नया निर्यात कारोबार लगातार तीसरे महीने बढ़ा है और इस अवधि के दौरान वृद्धि दर तेज रही है। इनपुट लागत में अप्रैल महीने में 3 महीने में सबसे ज्यादा तेजी के बावजूद मांग बढ़ी है। सर्वे में कहा गया है कि खाद्य, ईंधन, दवा, परिवहन और वेतन प्रमुख वजहें हैं, जिसके कारण महंगाई बढ़ी है और ग्राहक सेवा में औसत प्रसार की तुलना में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इसमें कहा गया है, ‘बढ़ती इनपुट लागत और मांग बनी रहने के कारण अप्रैल में कंपनियों ने अपने विक्रय मूल्य में बढ़ोतरी की है। महंगाई दर बढ़ी बनी रही और यह 2023 में सबसे ज्यादा रही।

आंकड़ों से पता चलता है कि बिक्री मूल्य में ज्यादा तेज बढ़ोतरी ट्रांसपोर्ट, सूचना एवं संचार फर्मों में हुई है।’एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि भारत के सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन अप्रैल में उल्लेखनीय रहा है। मांग को नए कारोबार और आउटपुट से बल मिला है।

डी लीमा ने कहा, ‘चालू कैलेंडर साल के प्रत्येक महीने में बदलाव हुआ है और अप्रैल में इनपुट लागत की महंगाई दर तेज हुई है। पीएमआई सर्वे में हिस्सा लेने वालों ने संकेत दिए हैं कि ज्यादा वेतन और कर्मचारियों को दिए गए मेहनताने के साथ खाद्य, ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने का दबाव रहा है समावेशी मांग की स्थिति के कारण यह सहूलियत मिली है कि अतिरिक्त लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल दिया जाए।

नए ऑर्डर में सुधार हुआ है, लेकिन सेवा क्षेत्र में कर्मचारी के स्तर पर मामूली बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई थी, लेकिन बड़ी संख्या में कंपनियों ने काम के मांग के हिसाब पर्याप्त कर्मचारी होने के कारण कर्मचारियों की संख्या यथावत रखी।

डी लीमा ने कहा कि हाल के परिणाम में एक क्षेत्र में कमजोरी नजर आती है बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी औप पृरिदृश्य को लेकर सकारात्मक धारणा के बावजूद अप्रैल में कर्मचारियों की संख्या करीब यथावत रही है और इसमें कोई अर्थपूर्ण बदलाव नहीं आया है।ज्यादातर सेवा प्रदाताओं को उम्मीद है कि 12 महीने में कामकाज बढ़ेगा क्योंकि विपणन, प्रतिस्पर्धी मूल्य और ग्राहक के साथ संबंध बेहतर होने की वजह से अप्रैल में कारोबारी विश्वास बढ़ा है।

First Published - May 3, 2023 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट