कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमत बढ़ने से कृषि और ग्रामीण कामगारों के लिए खुदरा महंगाई जुलाई (retail inflation in July) में बढ़कर क्रमश: 7.43 प्रतिशत और 7.26 प्रतिशत हो गई।
इससे पिछले महीने जून में खुदरा महंगाई कृषि श्रमिकों के लिए 6.31 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के लिए 6.16 प्रतिशत थी। श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा, “उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- कृषि श्रमिकों और ग्रामीण रमिकों के लिए महंगाई दर क्रमश: 7.43 प्रतिशत और 7.26 प्रतिशत रही। इससे पिछले महीने यह क्रमश: 6.31 प्रतिशत और 6.16 प्रतिशत थी जबकि जुलाई, 2022 में यह क्रमश: 6.60 प्रतिशत और 6.82 प्रतिशत रही थी।”
बयान के अनुसार, जुलाई में खाद्य महंगाई दर कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए क्रमश: 8.88 प्रतिशत और 8.63 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने में यह क्रमश: 7.03 प्रतिशत और 6.70 प्रतिशत थी। वहीं जुलाई, 2022 में यह क्रमश: 5.38 प्रतिशत और 5.44 प्रतिशत रही थी।
यह भी पढ़ें : मूडीज ने बरकरार रखी भारत की रेटिंग, स्थिर परिदृश्य बरकरार
अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या कृषि श्रमिकों (सीपीआई-एएल) के लिए आलोच्य महीन में 19 अंक बढ़कर 1215 और ग्रामीण श्रमिकों (सीपीआई-आरएल) के लिए 19 अंक बढ़कर 1,226 अंक रहा।
इससे पिछले महीने जून में कृषि श्रमिकों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 1,196 और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 1,207 अंक था। महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण चावल, गेहूं आटा, दाल, दूध, टमाटर, प्याज जैसे खाने के सामान के दाम में तेजी है।