भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा | फाइल फोटो
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस महीने हुई मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल की नीतिगत दर ठीक है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी रफ्तार से बढ़ रही है और महंगाई भी ज्यादा नहीं है। गौरतलब है कि RBI ने 4 से 6 फरवरी तक चली MPC की बैठक के बाद रीपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही रखा था। गवर्नर संजय मल्होत्रा के साथ बाकी पांच सदस्यों ने भी यही राय दी और सबने मिलकर रीपो रेट में कोई कटौती न करने के फैसले का समर्थन किया।
शुक्रवार को जारी मिनट्स ऑफ मीटिंग (MoM) में गवर्नर मल्होत्रा ने इसपर अपनी राय दी। उन्होंने लिखा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। मध्यम अवधि में देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी कारोबार दोनों अच्छे चल रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा, “अभी अर्थव्यवस्था का हाल और आगे का रुख देखें तो विकास तेज है और महंगाई काबू में है। इसलिए मुझे लगता है कि मौजूदा रीपो रेट सही है। मैं इसे 5.25 प्रतिशत पर जारी रखने और न्यूट्रल स्टांस बनाए रखने के पक्ष में हूं।”
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RBI की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा कि नए आर्थिक आंकड़े लगातार अच्छे संकेत दे रहे हैं। मॉडल के अनुमान भी मजबूत हैं, इसलिए कई एजेंसियों ने 2026-27 की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा दिया है।
RBI ने भी 2026-27 की पहली दो तिमाहियों के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान थोड़ा ऊपर कर दिया है। इसकी वजह नजदीकी समय के लिए बेहतर माहौल और नए ट्रेड एग्रीमेंट्स हैं।
उन्होंने बताया कि पिछली छह बैठकों में से चार में कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती हो चुकी है। दिसंबर 2025 में की गई आखिरी कटौती का असर अभी पूरी तरह दिखना बाकी है। साथ ही GDP और महंगाई के नए आंकड़ों का इंतजार है, इसलिए फिलहाल और दर घटाने की जरूरत नहीं लग रही। इन सभी बातों को देखते हुए MPC ने माना कि अभी की नीतिगत दर मौजूदा हालात के हिसाब से ठीक है।