अंतरराष्ट्रीय

US-India Trade Deal: सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का पलटवार, भारत समझौते पर कायम रुख

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत के साथ व्यापार समझौते को बरकरार रखते हुए नए कानूनी रास्तों से टैरिफ लागू करने का संकेत दिया।

Published by
अक्षिता सिंह   
Last Updated- February 21, 2026 | 9:54 AM IST

US-India Trade Deal: वॉशिंगटन से बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि भारत के साथ हुए व्यापार समझौते की शर्तों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस समझौते को “न्यायसंगत” बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के हित में है।

यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन आर्थिक शक्तियों से जुड़े कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत सीधे आयात शुल्क नहीं लगा सकते, क्योंकि व्यापार और कर संबंधी अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और उसका असर

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके व्यापक आयात शुल्क लागू करना कानून की सीमा से बाहर है। अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान कुछ आर्थिक लेनदेन को नियंत्रित करने का अधिकार है, लेकिन टैरिफ लगाने के लिए स्पष्ट कानूनी अनुमति आवश्यक है।

इस फैसले के बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे अदालत के निर्णय से सहमत नहीं हैं और इसे निराशाजनक बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास टैरिफ लगाने के लिए अन्य कानूनी विकल्प मौजूद हैं।

10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ का नया आदेश

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने घोषणा की कि वे तीन दिन के भीतर 10 प्रतिशत का वैश्विक आयात शुल्क लागू करने वाला कार्यकारी आदेश जारी करेंगे। यह शुल्क मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा।

उन्होंने कहा कि वे अन्य व्यापारिक कानूनों के तहत कदम उठाएंगे, जिनमें ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232, ट्रेड एक्ट की धारा 301 और टैरिफ एक्ट जैसे प्रावधान शामिल हैं। उनके अनुसार इन कानूनों के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा और अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच के बाद शुल्क लगाया जा सकता है, हालांकि इसमें अधिक समय और औपचारिक प्रक्रिया की आवश्यकता होगी।

भारत के साथ समझौते पर ट्रंप का रुख

जब उनसे भारत के साथ हुए व्यापार समझौते के बारे में पूछा गया तो ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सम्मानित नेता हैं और यह समझौता संतुलित है। उन्होंने कहा कि समझौते में व्यवस्था ऐसी बनाई गई है जिससे अमेरिका पर टैरिफ का बोझ नहीं है, जबकि भारत की ओर से शुल्क लागू है।

गौरतलब है कि पहले भारत पर आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए टैरिफ कुल मिलाकर 50 प्रतिशत तक पहुंच गए थे। हालांकि दो सप्ताह पहले दोनों देशों के अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय समझौता होने के बाद इन व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया था।

राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने उनके अधिकार पूरी तरह खत्म नहीं किए हैं, बल्कि केवल एक विशेष कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को निरस्त किया है। उनके अनुसार अन्य कानूनी रास्ते अभी भी खुले हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ और अन्य जांच प्रक्रियाएं जारी रहेंगी। आने वाले समय में विभिन्न देशों की व्यापारिक नीतियों की समीक्षा शुरू की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर नए शुल्क लगाए जाएंगे।

कानूनी और राजनीतिक महत्व

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अमेरिकी प्रशासन के लिए एक कानूनी झटका माना जा रहा है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि व्यापक आर्थिक नीतियों के लिए कांग्रेस की स्पष्ट स्वीकृति आवश्यक है। इससे भविष्य में आपातकालीन शक्तियों के इस्तेमाल पर सीमाएं तय हो गई हैं।

दूसरी ओर, ट्रंप ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे व्यापार नीति पर सख्त रुख बनाए रखेंगे और वैकल्पिक कानूनी प्रावधानों के जरिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।

First Published : February 21, 2026 | 9:54 AM IST