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दिल्ली में शनिवार को प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई। इसमें लाल किला और चांदनी चौक के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार यह कदम तब उठाया गया जब खुफिया एजेंसियों ने देश में संभावित आतंकवादी गतिविधियों की सूचना दी।
खुफिया जानकारी के अनुसार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने भारत के कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों को अपने निशाने पर रखा है। विशेष तौर पर चांदनी चौक इलाके के एक मंदिर को संभावित खतरे की चेतावनी के तहत चिन्हित किया गया है।
स्रोतों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी संभावित रूप से आईईडी (Improvised Explosive Device) का उपयोग कर हमले की योजना बना सकते हैं। यह योजना पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को मस्जिद में हुए धमाके के जवाब में की जा रही कार्रवाई से जुड़ी बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रख रही हैं। मुख्य रूप से सीसीटीवी कैमरों, वाहन जांच, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और चौकसी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, बम निरोधक दल, डॉग स्क्वाड और त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी रणनीतिक स्थलों पर तैनात किया गया है।
इस चेतावनी की पृष्ठभूमि में पिछले साल 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुई कार बम धमाके की घटना भी याद दिलाती है। उस विस्फोट में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार में लगे विस्फोटक से हुआ था, जिससे आसपास की कई गाड़ियां भी जल गई थीं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को जानकारी दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है, यह सुरक्षा बढ़ाना केवल एक सावधानीपूर्ण कदम है।
खुफिया एजेंसियां वर्तमान में इन सूचनाओं की और जांच कर रही हैं और संभावित खतरों की पुष्टि कर रही हैं।
-एजेंसी इनपुट के साथ