भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 6 सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रीपो दर 25 आधार अंक घटाकर 5.25 फीसदी करने का आज फैसला किया। समिति का मानना है कि अगले 6 से 9 महीनों में मुख्य मुद्रास्फीति कम रहेगी जिससे दर कटौती की गंजाइश बनी है। ताजा कटौती के बाद रीपो दर 3 साल में सबसे कम है। आरबीआई के इस कदम से होम लोन और कार लोन जैसे खुदरा ऋण पर ब्याज दर में तत्काल कमी आएगी क्योंकि इस तरह के कर्ज आम तौर पर रीपो दर जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े हैं।
समिति में बाहरी सदस्य राम सिंह को छोड़कर अन्य सभी सदस्यों ने रुख को तटस्थ रखने का फैसला किया। सिंह इसे उदार बनाना चाहते थे।
केंद्रीय बैंक ने खुले बाजार के संचालन द्वारा बैंकिंग तंत्र में 1 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालने और 5 अरब डॉलर डॉलर के 3 साल के डॉलर/रुपया खरीद-बिक्री स्वैप की घोषणा की। ओएमओ और खरीद-बिक्री स्वैप इसी महीने आयोजित किए जाएंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, ‘मौद्रिक नीति समिति ने पाया कि मुख्य मुद्रास्फीति में काफी कमी आई है और इसके पहले के अनुमान की तुलना में कम रहने की संभावना है।’ समिति ने इस साल रीपो दर में कुल 125 आधार अंक की कटौती की है।
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को घटाकर 2 फीसदी कर दिया है जबकि अक्टूबर में 2.6 फीसदी का अनुमान लगाया गया था। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति के अनुमान को भी पहले के 4.5 फीसदी से घटाकर 3.9 फीसदी कर दिया गया है। आगे दर में कटौती की गुंजाइश पर मल्होत्रा ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि मुद्रास्फीति कम रहेगी। यदि ऐसा होता है तो नीतिगत दर के कम रहने की संभावना है।’ उन्होंने कहा कि दर में कटौती की आगे की गुंजाइश या आवश्यकता आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है लेकिन इसमें कुछ नरमी की आशंका है। मगर चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर अनुमान को 6.8 फीसदी से बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया गया है।
शेयर बाजार ने आरबीआई के फैसले का स्वागत किया और सेंसेक्स आधा फीसदी बढ़कर 85,712.37 अंक पर बंद हुआ। रीपो में कटौती और ओएमओ नीलामी की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई लेकिन मुनाफावसूली के कारण लाभ बरकार नहीं रह पाया।
भारतीय स्टेट बैंक के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा, ‘मुद्रास्फीति के अनुमान में भारी कमी करने के साथ आरबीआई ने भविष्य में दर कटौती के लिए दरवाजा खुला रखा है। हालांकि 5.25 फीसदी रीपो दर लंबे समय तक बनी रह सकती है।’
नोमुरा ने कहा कि रीपो में 125 आधार अंक की कटौती के बावजूद मौद्रिक नीति में ढील का चक्र खत्म नहीं हुआ है। आरबीआई के पास यहां से धीमी गति से आगे बढ़ने की गुंजाइश है। अगली बैठक 4 से 6 फरवरी, 2026 को प्रस्तावित है।