अगर आप अपने आयकर रिफंड का हाल जानने के लिए आयकर कार्यालय के चक्कर लगा कर परेशान हो चुके हैं, तो यह खबर आपको राहत दे सकती है। दरअसल, करदाता अब आयकर रिफंड की जानकारी इंटरनेट पर ले सकते हैं। बस टीआईएन डॉट टीआईएन डॉट एनएसडीएल डॉट कॉम पर इसकी जानकारी हासिल करिए। फिलहाल, यह […]
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बढ़ती मांग के बावजूद स्टील औैर सीमेंट क्षेत्र की कंपनियां लंबे समय से उत्पादन क्षमता में खास वृद्धि नहीं कर पाईं है। हालांकि दो-तीन माह पहले इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों की ओर से उत्पादन क्षमता में व्यापक वृद्धि की बात कही गई थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। जानकारों के मुताबिक, मांग […]
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अब इस बात की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है कि 2012 तक इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उत्पादन करीब 8,00,000 टन हो जाएगा। यह वर्तमान के मोबाइल, टेलीविजनों, कंप्यूटरों, आदि के कचरे का करीब चार गुना है। सरकार ने विनिर्माताओं को स्वतंत्र छोड़ दिया है, जिससे उद्योग जगत खुद इस पर विचार करे कि इसका […]
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भारत के अपतटीय इलाकों में तेल और गैस के कुओं की खुदाई के लिए इस्तेमाल होने वाले रिग की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। पिछले साल जहां इनकी संख्या 31 थी वही अब यह घटकर 25 रह गई है। यह स्थिति तब है जब भारत की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था की रफ्तार […]
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देश में प्रखंड स्तर पर आईटी पहल के जरिये खाद की उपलब्धता को पूरा करना खाद उद्योग के लिए एक सरदर्द बना हुआ है। अभी खाद उद्योग के लिए दो उद्देश्य प्रमुख हैं- एक तो खाद की उपलब्धता को बनाए रखना और दूसरा बकाया खाद सब्सिडी को पूरा करना। लेकिन यदि इसको पूरा करने की […]
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सरकार क्रीमी लेयर के लिए सीमा निर्धारित किए जाने के रास्ते तलाश रही है, वहीं छात्रों के स्कॉलरशिप के लिए विभिन्न शैक्षिक संस्थानों ने ओबीसी के लिए आय सीमा के संशोधित मानक तय करने का मन बना लिया है। वर्तमान में अगर किसी ओबीसी छात्र के संरक्षक की प्रतिवर्ष आय 2.5 लाख रुपये प्रतिवर्ष या […]
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पिछड़ी जातियों के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से चल रहे शिक्षण संस्थानों में लागू आरक्षण में क्रीमी लेयर के मानक चर्चा में हैं। केंद्र सरकार की नौकरियों में लागू आरक्षण व्यवस्था में चल रहे क्रीमी लेयर केमानक पहले ही निर्धारित हैं। इन्ही मानकों को शिक्षण संस्थानों में भी दोहराया जा सकता है। हालांकि कुछ […]
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कई दशकों तक भारत के तीन शिपयार्ड (जलपोत बनाने का कारखाना)सार्वजनिक क्षेत्र की अक्षमता और रक्षा मंत्रालय की ढुलमुल नीति की वजह से प्रभावित रहे। मार्क्सवादियों के गढ़ कोलकाता में तो गाडर्ेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंटरप्राइजेज(जीआरएसई) में तो यूनियनबाजी भी जोरों पर रही जिसकी वजह से जंगी जहाजों के निर्माण में देरी हो जाया करती […]
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दिल्ली के छापों का असर कहिए या बढ़ती मंहगाई को लेकर हो रही चिंता, उत्तर प्देश का व्यापारी वर्ग अब खुद ही जनता को सस्ते दामों पर माल बेचने के लिए मैदान में उतर आया है। दिल्ली में पड़े छापों के बाद अब उत्तर प्देश के व्यापारियों के गोदामों में भरा अनाज बाहर आने लगा […]
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अब समूचे उत्तर प्रदेश पर ‘बत्ती गुल’ होने का खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा मंडराने की वजह है, यूपी सरकार द्वारा लंबे अरसे से बकाया बिजली बिलों का भुगतान नहीं करना। इसके चलते खासे खफा होकर केन्द्रीय बिजली नियामक आयोग (सीईआरसी) ने उत्तर प्रदेश बिजली निगम लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से कहा है कि वह अपने […]
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