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आईटीसी अपने उद्यमों में करेगी 2 अरब डॉलर का निवेश

Last Updated- December 12, 2022 | 1:53 AM IST

विभिन्न क्षेत्रों में पैठ रखनो वाली आईटीसी विभिन्न कारोबारी श्रेणियों और वृद्घि के नए क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने के लिए अगले कुछ समय में 2 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने आज कहा, ‘हमने मध्यम अवधि में करीब 2 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है।’
संवाददाताओं से बात करते हुए पुरी ने कहा, ‘यह निवेश मौजूदा श्रेणियों में बाजार की मांग पूरी करने के लिए क्षमता निर्माण करने, नई उन्नत तकनीक अपनाने और कुछ चुने हुए नए क्षेत्रों में डिजिटल पहल में होगा।’ लेकिन निवेश के इस आंकड़े में विलय एवं अधिग्रहण के मौकों को शामिल नहीं किया गया है।

निवेश के लिए वृद्धि के नए क्षेत्रों में सुपर ऐप ‘आईटीसी मार्स’ है, जिसकी घोषणा पुरी ने बुधवार को कंपनी की सालाना साधारण बैठक में की थी। यह ऐप ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि के लिए है। यह ऐप बेहद स्थानीय स्तर पर और व्यक्तिगत पसंद के हिसाब से काम करेगी। किसानों को व्यक्तिगत परामर्श देने में कृत्रिम मेधा का इस्तेमाल किया जाएगा और ऐप के जरिये कृषि में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों और उपज के बाजारों जैसा सहायक तंत्र भी मुहैया कराया जाएगा। इससे आईटीसी की कार्यकुशलता में सुधार होगा। पुरी ने कहा, ‘इससे हमारे खाद्य ब्रांडों को मजबूती मिलेगी क्योंकि हमारे पास बेहतर गुणवत्ता का माल और अच्छी खरीद व्यवस्था होगी।’
कंपनी नई इकाइयां लगाने पर भी निवेश करेगी। उदाहरण के लिए आईटीसी अपने तंबाकू कारोबार का विविधीकरण कर रही है। यह अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी इंडीविजन के तहत निकोटिन और इससे बनने वाले उत्पादों का विनिर्माण और निर्यात करेगी। निकोटिन और निकोटिन सॉल्ट के विनिर्माण का संयंत्र कर्नाटक में मैसूरु के निकट होगा। कृषि कारोबार में आईटीसी एक आधुनिक मसाला कारखाना शुरू करने जा रही है ताकि घरेलू और निर्यात बाजार की मांग पूरी की जा सके। कंपनी गुजरात में एक पैकेजिंग संयंत्र लगा रही है। पुरी ने कहा, ‘वहां भारी मांग है क्योंकि वहां हमारे ग्राहक हैं।’

पिछले दशक में आईटीसी का ज्यादातर निवेश रोजमर्रा के सामान (एफएमसीजी), कागज, पेपरबोर्ड, पैकेजिंग और होटल उद्यमों में हुआ है। 2010 में आईटीसी ने 7 से 10 साल के भीतर 25,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी, जिसमें एफएमसीजी का हिस्सा करीब 8,000 करोड़ रुपये, कागज, पेपरबोर्ड और पैकेजिंग का 6,000 करोड़ रुपये और होटलों का 9,000 करोड़ रुपये था। 
एफएमसीजी में ज्यादातर निवेश एकीकृत उपभोक्ता उत्पाद विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स (आईसीएमएल) में हुआ, जो अब पूरा हो चुका है। होटलों में आईटीसी ने कम पूंजीगत परिसंपत्तियों की रणनीति अपनाई है। पुरी ने कहा कि कम पूंजीगत परिसंपत्तियों की रणनीति से मध्यम अवधि में होटलों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘वेलकमहोटल को नया रूप दिया गया है और हम स्टोरी नाम से नया ब्रांड शुरू करने जा रहे हैं।’
आईटीसी ने वेलकमहोटल की संख्या अगले 3-4 साल में 34-35 तक पहुंचाने की योजना बनाई है। इन होटलों की संख्या पिछले साल के आखिर में 12 थी।

भारत के बाहर परिसंपत्तियों के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए पुरी ने कहा, ‘हमें इच्छुक उद्यमी मिले हैं। उन्होंने भारत से बाहर कुछ परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए कोविड से पहले बात की थी। इन संभावनाओं पर काम चल रहा है।’ ईएसजी और तंबाकू पर कर का आईटीसी के शेयर पर कुछ समय से नकारात्मक असर पड़ रहा है।
पुरी ने शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजित करने की रणनीति से संबंधित सवाल पर कहा, ‘हमारे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण चीज यह है कि हम अपने कारोबार को प्रतिस्पर्धी बनाने और अपने प्रत्येक कारोबार में प्रतिस्पर्धी रूप से बेहतर प्रदर्शन दिखाने पर ध्यान दें। हम इसी चीज पर केंद्रित हैं और आगे भी रहेंगे। यह हमारे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण काम है।’ 

First Published - August 13, 2021 | 1:52 AM IST

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