facebookmetapixel
Corporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरीX पर लेख लिखिए और जीतिए 1 मिलियन डॉलर! मस्क ने किया मेगा इनाम का ऐलान, जानें पूरी डिटेलChatGPT में अब आएंगे Ads, अमेरिका के यूजर्स के लिए ट्रायल शुरूलक्ष्मी मित्तल के पिता मोहन लाल मित्तल का निधन, उद्योग और समाज में गहरा शोकHDFC Bank Q3 Results: नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पर पहुंचा, NII ₹32,600 करोड़ के पारहर 40 शेयर पर मिलेंगे 5 अतिरिक्त शेयर! IT और कंसल्टिंग कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सYES Bank की कमाई में जबरदस्त उछाल, Q3 में मुनाफा 55% बढ़ा

कोविड से 2020 में भारतीय की संपत्ति 6.1 प्रतिशत हुई कम

Last Updated- December 12, 2022 | 3:26 AM IST

कोविड-19 महामारी ने जान-माल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों की माली हालत भी कमजोर कर दी है। क्रेडिट सुइस ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट, 2021 के अनुसार इस खतरनाक  महामारी से भारत के लोगों की संपत्ति वर्ष 2020 में 6.1 प्रतिशत कम हो गई। महामारी से पूर्व की तुलना में 2020 के अंत तक देश में प्रति वयस्क संपत्ति कम होकर 14,252 डॉलर रह गई। क्रेडिट सुइस का अनुमान है कि संचयी आधार पर भारतीय वयस्कों की संपत्ति 594 अरब डॉलर घट गई।
क्रेडिट सुइस में अर्थशास्त्री और इस रिपोर्ट के लेखक एंटनी शॉरॉक्स ने कहा, ‘वास्तविक मानकों पर बात करें तो भारत में 2020 में औसत संपत्ति अमेरिका में 70 वर्ष पहले दर्ज औसत संपत्ति के बराबर थी। अगले पांच वर्षों में प्रति भारतीय वयस्क संपत्ति 40 प्रतिशत बढ़कर 20,000 डॉलर से अधिक हो जाएगी।’
क्रेडिट सुइस के अनुसार विनिमय दर में ह्रास से 2020 में भारतीय वयस्क नागरिकों की संपत्ति और कम हो गई। इसके अनुसार विनियम दरें स्थिर रही होतीं तो स्थिर दरों पर नुकसान 2.1 प्रतिशत ही रहा होता। लातिन अमेरिकी देशों पर सर्वाधिक असर हुआ जहां कुल संपत्ति 1.2 लाख करोड़ डॉलर (11.4 प्रतिशत) कम हो गई। ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट, 2021 में दुनिया के 200 देशों के 5.2 अरब वयस्क लोगों की संपत्ति संबंधी आंकड़ों पर आधारित है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘चीन की तुलना में संपत्ति की असमानता कम बढ़ी है लेकिन 2000 में यह असमानता पहले ही अधिक थी। आर्थिक असमानता मापने वाला जिनी कोफिशिएंट 2000 के 74.7 से बढ़कर 2019 में 82.0 हो गया। 2020 में यह बढ़कर 82.3 प्रतिशत पर पहुंच गया। शीर्ष 1 प्रतिशत लोगों का धन 2019 में बढ़कर 39.5 प्रतिशत हो गया, जो 2000 में 33.5 प्रतिशत था। 2020 के अंत तक यह बढ़कर 40.5 प्रतिशत हो गया।’
क्रेडिट सुइस के अनुमानों के अनुसार कुल वैश्विक संपत्ति कोविड-19 महामारी के बावजूद 2020 के अंत तक 28.7 अरब डॉलर बढ़कर 414.3 अरब डॉलर हो गई। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी डॉलर के लिहाज से कुल संपत्ति में 7.4 प्रतिशत इजाफा हुआ जबकि प्रति वयस्क संपत्ति 6 प्रतिशत तक बढ़ गई। हालांकि अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट का इस वृद्धि में योगदान 3.3 प्रतिशत तक सीमित रहा। अगर डॉलर का मूल्य 2019 के स्तर पर ही रहा होता तो कुल संपत्ति 4.1 प्रतिशत और प्रति वयस्क  धन 2.7 प्रतिशत बढ़ गया होता।

First Published - June 22, 2021 | 8:33 PM IST

संबंधित पोस्ट