अर्थव्यवस्था

अमेरिका से दूरी का असर: भारत से चीन को होने वाले निर्यात में जबरदस्त तेजी, नवंबर में 90% की हुई बढ़ोतरी

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि पिछले 3 से 4 महीने के दौरान चीन में भारत से आयात बढ़ा है, जिससे चीन से अमेरिका  की दूरी के संकेत मिलते हैं

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श्रेया नंदी   
Last Updated- December 16, 2025 | 10:00 PM IST

अप्रैल-नवंबर के दौरान भारत से चीन को होने वाला निर्यात लगभग एक तिहाई बढकर 12.22 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह अमेरिकी बाजार से सोर्सिंग में बदलाव का शुरुआती संकेत है। चीन, भारत का चौथा बड़ा निर्यात केंद्र है। देश से कुल निर्यात का 4 प्रतिशत चीन भेजा जाता है। 

नवंबर में चीन को हुए निर्यात में 90 प्रतिशत वृद्धि हुई और यह 2.2 अरब डॉलर पहुंच गया। नवंबर में निर्यात के अलग-अलग आंकड़े उपलब्ध नहीं है, लेकिन अप्रैल-अक्टूबर के आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री उत्पाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निर्यात तेजी से बढ़ा है।  

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि पिछले 3 से 4 महीने के दौरान चीन में भारत से आयात बढ़ा है, जिससे चीन से अमेरिका  की दूरी के संकेत मिलते हैं।  

वित्त वर्ष 2022 में 21.26 अरब  डॉलर तक पहुंचने के बाद चीन को भारत का निर्यात धीरे-धीरे घटकर वित्त वर्ष 2025 में 14.25 अरब डॉलर रह गया। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि तेज वृद्धि चीन के साथ कारोबार में तेज बढ़ोतरी के संकेत देती है। प्रमुख जिंसों की तेज मांग और इस दौरान निर्यात के प्रदर्शन में सुधार के कारण ऐसा हुआ है।  पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। यह अप्रैल-अक्टूबर के दौरान दोगुने से अधिक यानी 121.25 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.62 अरब डॉलर हो गया। इससे चीन को ऊर्जा संबंधी निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि के संकेत मिलते हैं। 

इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का स्थान आता है, जो 158.95 प्रतिशत बढ़कर 1.35 अरब डॉलर हो गया है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग में वृद्धि का पता चलता है। वाणिज्य विभाग के एक आंतरिक विश्लेषण के मुताबिक समुद्री उत्पाद का निर्यात तेजी से बढ़ा है और यह 19 प्रतिशत बढ़कर 0.85 अरब डॉलर हो गया। खली, माइका, कोयला व अन्य जिंसों ने कुल निर्यात में अहम भूमिका निभाई है। 

व्यापार अर्थशास्त्री विश्वजीत धर ने कहा कि यह साफतौर पर चीन के अमेरिका से दूर हटने के संकेत मिलते हैं।  धर ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। 2017 में चीन का अमेरिका को निर्यात उसके कुल निर्यात का 19 प्रतिशत था।  इस साल नवंबर तक यह घटकर 10 प्रतिशत रह गया। इसी तरह अमेरिका का चीन से आयात 2017 में 20 प्रतिशत से घटकर अब लगभग 9 प्रतिशत रह गया है। ट्रंप के  पद पर होने या न होने दोननों स्थितियों में टीन अमेरिका से दूर जा रहा है और नए बाजारों की तलाश कर रहा है। भारत उनमें से एक है।’ 

First Published : December 16, 2025 | 10:00 PM IST