गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक (Goldman Sachs) के भारतीय अर्थशास्त्री के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था अगले 10 सालों में 6% से अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जो चीन से ज्यादा निवेश को आकर्षित करेगी।
गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री शांतनु सेनगुप्ता का मानना है कि लंबी अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.5% या उससे थोड़ा ऊपर बढ़ सकती है। उन्होंने अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वर्ष के लिए 6.3% की विकास दर का अनुमान लगाया, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के 7% के अनुमान से कम है।
सेनगुप्ता का मानना है कि भारत अपनी बड़ी आबादी, सरकारी खर्च और स्थानीय मांग के कारण निवेश के लिए एक बेहतरीन जगह है। संभावित वृद्धि (Potential growth) यह है कि कोई अर्थव्यवस्था बहुत अधिक महंगाई पैदा किए बिना कितनी तेजी से बढ़ सकती है। भारत के केंद्रीय बैंक गवर्नर ने हाल ही में कहा था कि यह दर लगभग 7% है।
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गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि आम चुनावों के बाद भारत में बिजनेस अपना निवेश बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, “भारत ने बिजनेसों ने अपना कर्ज़ काफ़ी कम कर लिया है, और उनकी बैलेंस शीट लगभग 20 सालों में सबसे मजबूत है।”
अन्य बातें जो सेनगुप्ता ने कहीं:
– उन्हें उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को एडजस्ट करने से पहले फेडरल रिजर्व के कदम उठाने का इंतजार करेगा। यह एडजस्टमेंट तीन फेज में होगा: पहला, पैसों की कमी को सुलझाना, फिर नीतिगत रुख बदलना और अंत में ब्याज दरों में कटौती करना।
– गोल्डमैन को उम्मीद है कि साल की दूसरी छमाही में भारत में दो बार दरों में कटौती होगी
– यदि अर्थव्यवस्था उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन करती है, तो आरबीआई को ब्याज दरों में तेजी से और गहरी कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है