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भारत और ओमान के एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर पहुंचने से गैसोलीन, लोहा तथा इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक और मशीनरी जैसे 3.7 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के 83.5 प्रतिशत से अधिक भारतीय सामानों को ओमान में बढ़ावा मिलेगा। एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह बात कही गई।
शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिप्रोच इनिशिएटिव (जीटीआरआई) द्वारा तैयार की गई ‘इंडिया-ओमान सीईपीए: गेटवे टू मिडिल ईर्स्टन मार्केट्स एंड बियॉन्ड’ के अनुसार, इन वस्तुओं पर वर्तमान में ओमान में पांच प्रतिशत आयात शुल्क लगता है।
भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत जारी हैं।
समझौते पर पहुंचने से दोनों देश अपने बीच सहमत अधिकतम वस्तुओं पर सीमा शुल्क को काफी कम या समाप्त किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया, नए व्यापार समझौते से प्रमुख निर्यात वस्तुएं जैसे मोटर गैसोलीन (1.7 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात), लोहा व इस्पात उत्पाद (23.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात), इलेक्ट्रॉनिक (13.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर), मशीनरी (12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर), एल्यूमीनियम ऑक्साइड (12.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर), कपड़ा (11 करोड़ अमेरिकी डॉलर), एल्यूमिना कैलक्लाइंड (10.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर), प्लास्टिक (6.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर), बिना हड्डी का मांस (पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर), आवश्यक तेल (4.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर) और मोटर कार (2.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात) पर शुल्क समाप्त होने से बेहद फायदा होगा। हालांकि, इसमें कहा गया कि भारत से ओमान को निर्यात किए जाने वाली करीब 16.5 प्रतिशत वस्तुओं को इस समझौते से अतिरिक्त फायदा नहीं मिलेगा। इनका करीब 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात होता है और इन वस्तुओं की पहले से ही शुल्क-मुक्त पहुंच है।
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इनमें गेहूं (4.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात), बासमती चावल (12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर), फल, सब्जियां (7.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर), दवाएं (7.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर), मछली (1.37 करोड़ अमेरिकी डॉलर), चाय, कॉफी (1.77 करोड़ अमेरिकी डॉलर) शामिल हैं।
जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ शुल्क उन्मूलन से अधिकतर भारतीय निर्यात को मदद मिलेगी हालांकि ओमान के बाजार में महत्वपूर्ण वृद्धि उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार पर भी निर्भर करेगी।’’
उन्होंने कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौते के बाद अपने निर्यात में भारी वृद्धि की उम्मीद कर सकता है, क्योंकि वर्तमान में उसका 80 प्रतिशत से अधिक सामान औसतन पांच प्रतिशत आयात शुल्क पर ओमान जाता है।