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Deloitte survey: बड़ी टीम होने के बावजूद 70 फीसदी समय गुजर रहा सिर्फ टैक्स नियमों के पालन में

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Last Updated- May 09, 2023 | 4:15 PM IST
income certificate

बड़ी कंपनियों के कर विभाग (टैक्स डिपार्टमेंट) को औसतन अपना 70 फीसदी समय कर नियमों के अनुपालन में लगाना पड़ता है। विभिन्न सरकारी एजेंसियों की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों का इस्तेमाल कर इस समय को कम किया जा सकता है। एक सर्वे रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है।

सलाहकार फर्म डेलॉयट के मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण के मुताबिक, कंपनियों को ‘स्रोत पर कर कटौती’ (TDS) प्रावधान के अनुपालन में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

टैक्स नियमों के तहत सूचनाएं देने के प्रावधानों को सरल बनाकर प्रक्रिया को अधिक तेज और कारगर बनाया जा सकता है। ‘भारत में आयकर डिजिटलीकरण’ पर जारी यह सर्वे कहता है, ‘कर अनुपालन पर कंपनियों के कर विभागों का लगने वाला गैर-आनुपातिक समय चिंता का विषय है और कर प्रशासन एवं करदाताओं के बीच चर्चा कर इसका समाधान निकालने की जरूरत है।’

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सर्वे के मुताबिक, बड़ी कंपनियों में भी टैक्स डिपार्टमेंट बड़ी टीम होने के बावजूद उन्हें औसतन 70 प्रतिशत समय कर अनुपालन पर ही लगाना पड़ता है।

डेलॉयट इंडिया के साझेदार रोहिंटन सिधवा ने कहा, ‘आज कॉरपोरेट करदाता कर अनुपालन पर जितना समय लगाता है, उसे देखते हुए अनुपालन प्रक्रिया के डिजिटलीकरण की सख्त जरूरत है।’

सर्वेक्षण में शामिल दो-तिहाई प्रतिभागियों और 6,400 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाली कंपनियों के 84 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि जीएसटी रिटर्न, वार्षिक आयकर रिटर्न और फेमा के तहत दी गई जानकारियों का इस्तेमाल कर आयकर अनुपालन की शर्तों को हल्का किया जा सकता है।

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First Published - May 9, 2023 | 4:15 PM IST

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